हीरो से विलन बनते-बनते बचा SRH का खिलाड़ी, ईशान किशन के भरोसे ने जीत दिलाई; जानें आखिरी ओवर में क्या हुआ?

195 रनों के लक्ष्य को बचाते हुए प्रफुल्ल हिंगे ने अपने पहले तीन ओवर में 54 रन लुटा दिए थे, pressure चरम पर था। मगर इसके बावजूद कप्तान ईशान किशन ने उन्हें आखिरी ओवर डालने का decision सुनाया। आईपीएल ऐसा मंच है जहां खिलाड़ी रातोंरात hero बन जाते हैं, और कभी-कभी उन्हें villain बनने में भी ज्यादा वक्त नहीं लगता।

प्रफुल्ल हिंगे ने आईपीएल 2026 में डेब्यू करते हुए पहले ही ओवर में तीन विकेट लेकर इतिहास रच दिया था। वह आईपीएल में पहले ओवर में तीन विकेट लेने वाले पहले नए गेंदबाज बने थे। उनके प्रदर्शन की चमक उस मैच में इतनी थी कि उन्हें award से नवाजा गया। मगर अगले मैच में, चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ, उनकी गेंदबाजी ने उल्टी सुरील बजानी शुरू कर दी।

पहले तीन ओवर में 54 रन खर्च करने के बाद, कोई भी कप्तान उन पर भरोसा न करता। लेकिन ईशान किशन ने trust दिखाया। सीएसके को आखिरी ओवर में 18 रन चाहिए थे — बिल्कुल वैसी ही economy , जिससे हिंगे अब तक खेल रहे थे। ऐसे में उनकी वापसी एक टेस्ट थी — अपने आप पर और अपने कप्तान के belief पर।

आखिरी ओवर में हिंगे ने सिर्फ 7 रन दिए। उन्होंने कसी हुई गेंदबाजी करके जेमी ओवरटन का विकेट लिया और टीम को 10 रनों से जीत दिलाई। वह विलन नहीं बने। बल्कि, उन्होंने साबित किया कि pressure में खेलना ही असली चरित्र की परख करता है। उनके इस performance ने कप्तान के फैसले को सही साबित किया।

ईशान किशन के पास आखिरी ओवर के लिए दो विकल्प थे। शिवांग कुमार, जिन्होंने 3 ओवर में सिर्फ 18 रन दिए, या प्रफुल्ल हिंगे, जिन्होंने 54 रन लुटाए। मगर कप्तान ने स्पिन की जगह पेस के साथ जाने का choice किया। यह निर्णय न सिर्फ खेल का रुख बदल दिया, बल्कि एक युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को भी बचा लिया।

मैच के बाद, इशान मलिंगा को प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिन्होंने 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट लिए। मगर असली कहानी थी प्रफुल्ल हिंगे की — एक ऐसा खिलाड़ी जो risk बन सकता था, लेकिन विश्वास ने उसे नायक बना दिया।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • राज_दिल्लीवाला

    अगर ईशान किशन ने हिंगे को आखिरी ओवर न दिया होता, तो ये moment खो जाता। कप्तानी में यही तो बात है — भरोसा दिखाना।

  • क्रिकेट_सिद्ध

    54 रन देने के बाद भी ओवर देना? बहुत बड़ा gamble था, मगर वो चल गया।

  • नीरज_सीएसके

    शिवांग कुमार को ओवर मिलता तो शायद जीत हमारी होती। हिंगे के 54 रन के बाद उन पर भरोसा करना crazy लगा।

  • सुमन_हैदर

    ये है आईपीएल का जादू — आज का विलन कल का हीरो। बस एक over बदल सकता है सबकुछ।

  • मोहित_बैटर

    हिंगे ने 7 रन देकर जीत दिला दी, मगर ये result कितने दिलों का जीत ले गया।

  • अंकित_फैन

    क्या ईशान किशन जानते थे कि हिंगे आखिरी ओवर में बचा लेंगे? या सिर्फ उन पर faith था?

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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