18 साल के आयुष म्हात्रे को चोट के बाद भी पट्टी बांधकर खेलने पर चेन्नई ने किया मजबूर, भड़के आर अश्विन, जमकर आलोचना की
18 साल के युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे को चोट के बाद भी खेलने के लिए pressure डाले जाने पर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की टीम प्रबंधन की जमकर आलोचना हुई है। मैच के दौरान आयुष के घुटने पर पट्टी बंधी थी और वह साफ तौर पर लंगड़ा रहे थे, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी जारी रखने के लिए कहा गया। इस incident ने न केवल फैंस को चिंतित किया, बल्कि पूर्व भारतीय स्पिनर आर अश्विन को भी भड़का दिया।
अश्विन ने खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि आयुष की स्थिति देखकर वह shocked रह गए। "जब वह बल्लेबाजी करने आए, तो उनके घुटने पर पट्टी थी। वह दौड़ते समय संघर्ष कर रहे थे, फिर भी उन्हें एक और गेंद खेलने के लिए कहा गया।" उन्होंने सवाल उठाया कि यदि फील्डिंग नहीं की गई, तो cramp कैसे आ सकता है? उनका मानना है कि यह चोट थी, न कि थकान।
अश्विन ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में खिलाड़ी को retired hurt होना चाहिए था। "मुझे समझ नहीं आया कि जब वह इतना संघर्ष कर रहे थे, तो उन्हें बाहर क्यों नहीं बुला लिया गया?" उन्होंने कहा कि कमेंट्री बॉक्स में मौजूद हर कोई हैरान था और सभी ने चुपचाप यह दृश्य देखा। उन्होंने इसे "very shocking " करार दिया।
आयुष म्हात्रे इस सीजन आईपीएल में उभरता नाम रहे हैं, जिसके चलते उन्हें इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में भी इस्तेमाल किया गया। लेकिन लगातार मैच खेलने के कारण उनके workload पर सवाल उठ रहे हैं। अश्विन ने इस ओर भी ध्यान आकर्षित किया कि टीम प्रबंधन को युवा खिलाड़ियों की फिटनेस और लंबे समय की योजना के प्रति ज्यादा संवेदनशील होना चाहिए।
इस घटना ने आईपीएल में खिलाड़ियों की injury management प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जबकि अन्य टीमें जैसे राजस्थान रॉयल्स ने युवाओं को संरक्षित रखने की रणनीति अपनाई है, CSK का यह फैसला कई लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। आयुष के भविष्य को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन अश्विन का डर है कि वह कुछ समय के लिए बाहर हो सकते हैं।
अगर खिलाड़ी खुद खेलना चाह रहा है, तो कप्तान क्या कर सकता है? लेकिन हाँ, medical team मेडिकल टीम को रोकना चाहिए था।
अश्विन सही कह रहे हैं। इतनी बड़ी लापरवाही किसी युवा खिलाड़ी के साथ नहीं होनी चाहिए थी। ये team management टीम प्रबंधन की विफलता है।
मैदान पर फिजियो की उपस्थिति का मतलब है कि injury चोट गंभीर थी। उसके बाद भी खेलने देना जोखिम भरा था।
चहर के साथ भी ऐसा ही होता रहा है। CSK में फिटनेस प्रोटोकॉल पर सवाल उठने लायक है। fitness फिटनेस को लेकर कोई ठोस नीति नहीं लगती।
युवा खिलाड़ी दबाव में आकर ज्यादा खेलना चाहते हैं, लेकिन coaching staff कोचिंग स्टाफ की जिम्मेदारी है कि वे उन्हें रोकें।
आयुष ने जो पारी खेली, वह दर्द में लिखी गई कहानी है। लेकिन क्या यही price कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी?