IPL में मयंक यादव की वापसी तय? RCB के खिलाफ मौका मिलेगा, ये खिलाड़ी होगा LSG से बाहर
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच होने वाला मुकाबला केवल एक मैच नहीं, बल्कि एक high-stakes वाला मुकाबला साबित होने जा रहा है। LSG के लिए एक बड़ी खुशखबरी यह है कि तेज गेंदबाज मयंक यादव की वापसी अब लगभग तय मानी जा रही है। injury के कारण शुरुआती मैचों से बाहर रहने के बाद उनका वापसी का संकेत टीम के लिए बड़ी राहत का विषय है। गेंदबाजी में धार लौटाने वाले इस युवा खिलाड़ी की तैयारी ने टीम के morale में स्पष्ट उछाल दिखाया है।
मयंक यादव ने हाल ही में बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में spot bowling की और गेंदबाजी कोच भरत अरुण के साथ विस्तृत चर्चा की। इस कदम ने यह संकेत दिया कि वह न केवल तैयार हैं, बल्कि टीम की कोई भी tactical आवश्यकता को पूरा करने के लिए पूरी तरह उपलब्ध हैं। टीम प्रबंधन उनकी वापसी को लेकर confident दिख रहा है और ऐसा माना जा रहा है कि वह RCB के खिलाफ खेल सकते हैं।
LSG के ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी ने स्पष्ट किया कि मयंक शुरुआत में टीम के प्लान में नहीं थे क्योंकि वह match fitness के लिहाज से तैयार नहीं थे। लेकिन अब उन्होंने अपने bowling load और गति के ताल पर काम किया है। मूडी ने कहा, "हमें लगता है कि वह खेलने के लिए तैयार हैं।" इसके अलावा, मोहसिन खान और आवेश खान जैसे अन्य गेंदबाज भी फिट हो चुके हैं, जिससे LSG का पेस अटैक पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। मोहसिन के खेलने का decision मैच दिन लिया जाएगा।
हालांकि, मयंक की वापसी के साथ एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है: कौन होगा टीम से बाहर? आवेश खान, जो खुद चोट से लौटे हैं, अब pressure में दिख रहे हैं। बेंगलुरु का मैदान बल्लेबाजों के लिए अनुकूल है, जिसके चलते RCB के खिलाफ लखनऊ के लिए यह मैच आसान नहीं होगा। ऐसे में मयंक की pace और आक्रामक गेंदबाजी टीम के लिए एक game-changer साबित हो सकती है।
इस वापसी से LSG को न सिर्फ गेंदबाजी में गहराई मिलेगी, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए एक strong message भी जाएगा कि लगातार प्रयास और समर्पण का अंततः फल मिलता है। फैंस उत्सुक हैं कि क्या मयंक अपनी तेज रफ्तार से बेंगलुरु के बल्लेबाजों को हिला पाएंगे। अगर वह खेलते हैं, तो यह उनके लिए न केवल एक व्यक्तिगत comeback होगी, बल्कि टीम के लिए एक महत्वपूर्ण turning point भी साबित हो सकती है।
मयंक की वापसी से टीम की bowling attack गेंदबाजी अटैक में तगड़ी धार आएगी। अब देखना ये है कि कौन बाहर बैठेगा।
आवेश खान को बाहर करना सही होगा। वो इंजरी से लौटे हैं और अभी form फॉर्म में नहीं लग रहे।
मोहसिन के लिए फैसला मैच दिन होगा, लेकिन क्या टीम risk जोखिम लेने को तैयार है? ये सवाल बना हुआ है।
बेंगलुरु का मैदान बल्लेबाजों के लिए बेहतरीन है। मयंक की रफ्तार ही एकमात्र उम्मीद है।
हमारे बल्लेबाज तो इस pace रफ्तार को हैंडल कर लेंगे। देखते हैं कौन ज्यादा टफ है।
एक strong message मजबूत संदेश मिल रहा है कि चोट के बाद भी मेहनत काम आती है।