वो बिन ब्याही मां! डायरेक्टर के प्यार में बनी पारो, डेब्यू के 2 साल बाद की शादी, ब्रेकअप से एक झटके में हुई ...
ब्रेकअप के बाद कई महीनों तक sleep न आना, शूटिंग के दौरान confusion , और असली दुनिया के साथ dreams का घुलमिल जाना — ये सब कल्कि कोचलिन के जीवन का हिस्सा थे। एक वक्त ऐसा भी था जब वह रात के दो-तीन बजे अचानक जाग जाती थीं और फिर entire night जागी रहती थीं। उनके लिए नींद न केवल एक शारीरिक जरूरत बन गई थी, बल्कि एक mental संग्राम भी।
कल्कि ने हाल में खुलासा किया कि उनके डेब्यू फिल्म निर्देशक के साथ रिश्ता खत्म होने के बाद वह insomnia की शिकार हो गईं। दिल टूटने की पीड़ा ने उनके शरीर और मस्तिष्क के बीच के संतुलन को बिगाड़ दिया। वे बताती हैं कि जब मन शांत नहीं होता, तो शरीर भी rest करना भूल जाता है।
उनकी पेशेवर जिंदगी भी इसका शिकार रही। शूटिंग पर वह अक्सर भूल जाती थीं कि वे जाग रही हैं या सपना देख रही हैं। नींद की कमी ने reality और कल्पना के बीच की रेखा धुंधली कर दी। यह सिलसिला लगभग चार महीने तक चला, जिसने उनके professional आत्मविश्वास को भी डगमगा दिया।
कल्कि का मानना है कि उनके बचपन में माता-पिता का तलाक भी एक deep घाव छोड़ गया। तब वह सिर्फ 13 साल की थीं। उस अनुभव ने रिश्तों के प्रति उनकी trust की भावना को कमजोर कर दिया। वह मानती हैं कि यही वजह थी कि उनकी अपनी शादी भी जल्दी टूट गई।
लेकिन आज कल्कि ने उस तकलीफ से उबर लिया है। वह अपनी बेटी के साथ happy हैं और इजरायली पियानिस्ट गाय हर्षबर्ग के साथ एक स्थिर रिश्ते में हैं। उनकी जिंदगी एक powerful उदाहरण है कि कैसे एक टूटा दिल भी समय के साथ नए रंगों में दोबारा जी सकता है।
नींद न आना सिर्फ stress तनाव नहीं, बल्कि दिल के घाव का भी संकेत हो सकता है। कल्कि की बात सुनकर लगता है कि हम भावनाओं को कितनी गलत जगह दबा देते हैं।
एक्टर्स भी इंसान हैं। जब हम उन्हें स्क्रीन पर देखते हैं, तो उनकी pain पीड़ा का अंदाजा नहीं लगाते।
बचपन के अनुभव हमारे भविष्य के रिश्तों को कितना influence प्रभावित करते हैं, यह बात बहुत कम लोग समझते हैं।
कल्कि ने अपना दर्द शेयर किया, लेकिन उस डायरेक्टर का नाम नहीं लिया। क्या यह respect सम्मान है या डर?
मैंने भी ब्रेकअप के बाद कई रातें जागकर बिताईं। यह बात बहुत relatable संबंधित लग रही है।
हमें मानसिक स्वास्थ्य को इतना serious गंभीरता से क्यों नहीं लेते जितना शारीरिक बीमारियों को लेते हैं?
अगर एक स्ट्रॉन्ग वुमन भी इंसोमनिया में फंस सकती है, तो किसी को भी कमजोर होने से नहीं डरना चाहिए।
उनकी बेटी के साथ वो जो तस्वीरें आती हैं, उसमें उनकी आंखों में एक peace शांति झलकती है। समय सचमुच सब कुछ ठीक कर देता है।