रिकॉर्ड तोड़ता बल्ला: बाबर आजम ने कप्तानी में नौ शतकों के साथ बनाई नई ऊंचाई
एक ऐसा बल्लेबाज जो नेतृत्व के दबाव में भी बल्लेबाजी की शानदार कला दिखाए, वो बाबर आजम हैं। बुधवार को century लगाते हुए उन्होंने न सिर्फ पेशावर जाल्मी के लिए इस सीजन का दूसरा century दर्ज किया, बल्कि टी20 क्रिकेट में captain के तौर पर सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बनकर इतिहास रच दिया। यह पारी महज एक स्कोर नहीं, बल्कि एक record तोड़ने का पल था। नौ century — यह आंकड़ा अब उनके नाम है, और यही उन्हें दुनिया के शीर्ष स्थान पर ले आया।
इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका के फाफ डुप्लेसी इस लिस्ट में शीर्ष पर थे, जिनके नाम बतौर कप्तान आठ century थे। लेकिन बाबर ने एक कदम आगे बढ़कर उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। डुप्लेसी ने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी भी की, लेकिन टी20 क्रिकेट में नेतृत्व के साथ बल्लेबाजी का संतुलन बाबर ने अब नए स्तर पर पहुंचा दिया है। यह केवल एक tournament की बात नहीं, बल्कि लंबे समय तक चले करियर में स्थिरता की कहानी है।
ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लिंगर और इंग्लैंड के जेम्स विंस भी इस लिस्ट में उल्लेखनीय स्थान रखते हैं। क्लिंगर ने बिग बैश लीग में अपने नेतृत्व और batting से कई मैच जिताए। उनके नाम सात शतक हैं। वहीं विंस ने हैम्पशायर हॉक्स को तीन बार championship जिताई और विटैलिटी ब्लास्ट में सबसे successful बल्लेबाज के तौर पर नाम कमाया। उनके नाम भी पांच शतक हैं।
और फिर वो नाम जिसके बिना व्हाइट बॉल क्रिकेट की बात अधूरी है — विराट कोहली। वनडे में 54 शतक लगाने वाले कोहली टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक century के साथ जाने जाते हैं। लेकिन बतौर कप्तान टी20 क्रिकेट में उन्होंने पांच शतक लगाए हैं। यह आंकड़ा अब बाबर के नौ शतक के आगे पीछे खड़ा है, लेकिन कोहली का प्रभाव अभी भी आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए देखा जा सकता है। वह player हैं जिसने फॉर्मेट को बदल दिया।
बाबर आजम का यह उदय टी20 क्रिकेट में नेतृत्व और बल्लेबाजी के संगम का एक नया अध्याय है। वह न सिर्फ एक consistent बल्लेबाज हैं, बल्कि एक ऐसे कप्तान भी हैं जो दबाव में भी प्रदर्शन देते हैं। यह रिकॉर्ड उनकी तकनीक, धैर्य और नेतृत्व के संयोजन का परिणाम है। अब सवाल यह नहीं कि क्या वह रिकॉर्ड बना सकते हैं, बल्कि यह है कि कौन उन्हें रोक पाएगा।
बाबर का ये शतक सिर्फ एक स्कोर नहीं, बल्कि एक statement बयान है कि कप्तानी में भी वो बल्लेबाजी पर फोकस रखते हैं।
फाफ डुप्लेसी को पीछे छोड़ना आसान नहीं था। बाबर ने लगातार प्रदर्शन से ये किया।
क्या विराट कभी इस रेस में वापस आ पाएंगे? अब तो बाबर ने क्लीयर लीड ले ली है।
क्लिंगर को याद करना ज़रूरी है — बिग बैश में उनकी कप्तानी भी काफी impactful प्रभावशाली थी।
बाबर के नौ शतक, विराट के पांच… ये अंतर अब कम होने वाला नहीं लगता।
जेम्स विंस को भी सलाम — तीन चैंपियनशिप जीतना कोई छोटी बात नहीं है। championship चैंपियनशिप जीतना और शतक बनाना दोनों मुश्किल होते हैं।
क्या ये रिकॉर्ड अगले पांच साल तक कोई तोड़ पाएगा? लगता है नहीं।
आईपीएल में भी कोई कप्तान ऐसा शतक लगा पाएगा? अभी तक कोई नज़र नहीं आ रहा।