OLA Electric Stock Crash: हफ्ते के पहले दिन EV स्टॉक में महत्वपूर्ण गिरावट, 3% से ज्यादा फिसला शेयर
इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के शेयर में सोमवार को significant गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में हल्की तेजी के बाद शेयर में गिरावट आई, जो पूरे दिन बनी रही। कारोबार के दौरान यह शेयर nearly 3.36% टूटकर 39.45 रुपये पर पहुंच गया, जबकि कंपनी का पिछला बंद भाव 40.82 रुपये था।
दिनभर शेयर पर pressure बना रहा और निवेशकों में बिकवाली का trend देखा गया। स्टॉक ने दिन में 41.60 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ, लेकिन बाद में गिरकर 39.20 रुपये तक पहुंच गया। यह उतार-चढ़ाव बाजार में अस्थिरता को दर्शाता है, जिससे निवेशकों के विश्वास में कमी आ सकती है।
कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 16,510 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। हालांकि, P/E अनुपात उपलब्ध नहीं है, जो इंगित करता है कि कंपनी अभी मुनाफे में नहीं है या उसके आंकड़े निवेशकों के लिए पर्याप्त संकेत नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा, पिछले 52 सप्ताह में शेयर का उच्चतम स्तर 71.25 रुपये और निम्नतम 22.25 रुपये रहा है, जो इसके market performance में उतार-चढ़ाव को दिखाता है।
इस बीच, कंपनी ने अक्षय तृतीया के अवसर पर 'ओला सोना वीकेंड' नामक एक festive offer शुरू किया है। इसके तहत ग्राहकों को 50,000 रुपये तक की छूट, ईएमआई लाभ और 24 कैरेट गोल्ड-प्लेटेड ओला S1 प्रो सोना एडिशन जीतने का मौका मिल रहा है। रोडस्टर X+ 9.1 kWh बाइक की कीमत छूट के बाद 1,39,999 रुपये (एक्स-शोरूम) हो गई है।
कंपनी ने इस मॉडल पर 8 साल की extended warranty भी मुफ्त में दी है, लेकिन यह बाइक सीमित यूनिट्स में उपलब्ध है। अन्य मॉडलों पर भी 40,000 रुपये तक के लाभ दिए जा रहे हैं। इस marketing strategy के जरिए कंपनी बिक्री में तेजी लाने की उम्मीद कर रही है, लेकिन निवेशक अभी भी मुनाफे के स्तर को लेकर cautious हैं।
3.36% की गिरावट बड़ी है, खासकर जब पूरे दिन selling pressure बिकवाली का दबाव बना रहा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले कुछ दिनों में क्या recovery उबरने की कोशिश होती है।
P/E अनुपात का न होना चिंता की बात है। निवेशक मुनाफे के बजाय future growth भविष्य के विकास पर भरोसा कर रहे हैं, लेकिन वह कितना स्थायी होगा?
त्योहारों पर ऑफर तो हर कंपनी देती है, लेकिन क्या यह customer demand ग्राहक मांग को वास्तव में बढ़ाएगा? सीमित यूनिट्स में बाइक उपलब्ध कराना hype उत्साह तो बढ़ाएगा, लेकिन बिक्री के मामले में असर सीमित रह सकता है।
अक्षय तृतीया पर गोल्ड-प्लेटेड बाइक? क्या यह marketing stunt मार्केटिंग का चालाकी भरा तरीका नहीं है? ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ठीक है, लेकिन लंबे समय में गुणवत्ता और after-sales service बाद की सेवा मायने रखेंगे।
मैंने ओला के शेयर छह महीने पहले 65 रुपये में खरीदे थे। अब 39 रुपये पर आकर रुक गए हैं। यह loss नुकसान बहुत तेजी से आया है। क्या कोई turnaround मोड़ आएगा?
इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद कंपनी त्योहारी ऑफर चला रही है। क्या यह distraction ध्यान भटकाने की कोशिश नहीं है? निवेशकों को असली financial health वित्तीय स्थिति देखनी चाहिए।