वाझा 2 ने बुधवार को धुरंधर 2 को पछाड़ा, बॉक्स ऑफिस पर दिखाई साउथ की ताकत
बुधवार को बॉक्स ऑफिस पर एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला, जहां साउथ की फिल्म वाझा 2 ने बॉलीवुड की बड़ी रिलीज़ धुरंधर 2 को पीछे छोड़ दिया। हालांकि धुरंधर 2 ने रिलीज़ के शुरुआती दिनों में भारी कमाई की, लेकिन समय के साथ उसकी collection में गिरावट आई। इसके विपरीत, वाझा 2 ने धीरे-धीरे अपनी जगह बनाई और 14वें दिन भी ठोस performance दर्ज किया।
Sacnilk के अनुसार, वाझा 2 ने बुधवार को 4.76 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि धुरंधर 2 का आंकड़ा केवल 4.05 करोड़ रुपये रहा। यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि साउथ फिल्मों का प्रभाव अब बॉलीवुड के सामने भी साफ़ दिख रहा है। कलेक्शन के मामले में इस तरह का competition नए युग की ओर इशारा करता है।
वाझा 2 के 14 दिनों के कुल कलेक्शन ने पहले ही 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर दिया है, जबकि ग्रॉस कलेक्शन 106.92 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसकी शुरुआत छोटे स्तर पर हुई थी, लेकिन हर हफ्ते इसकी public response में बढ़ोतरी हुई। इसके विपरीत, धुरंधर 2 की कमाई में मंगलवार के मुकाबले 42.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
धुरंधर 2 ने अब तक भारत में 1,099.72 करोड़ रुपये और ग्रॉस में 1,316.45 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। विदेशी बाजार में इसने 416.25 करोड़ रुपये कमाए हैं। फिल्म का वैश्विक कलेक्शन 1,732.70 करोड़ रुपये रहा, जो एक बड़ी उपलब्धि है। लेकिन बुधवार का single-day result साफ दिखाता है कि दर्शकों का interest अब नए चेहरों और कहानियों की ओर बढ़ रहा है।
निर्देशित आदित्य धर द्वारा यह फिल्म रणवीर सिंह के lead role पर टिकी थी, जिसमें संजय दत्त, आर माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे सितारे भी शामिल थे। लेकिन audience reaction और लंबे समय तक चलने वाली स्थिरता में साउथ फिल्में अब बॉलीवुड को टक्कर दे रही हैं। यह केवल कमाई नहीं, बल्कि cultural impact की बात भी है।
यह बहुत बड़ी बात है! वाझा 2 ने साबित कर दिया कि असली कहानी और simple acting साधारण अभिनय भी दिल जीत सकते हैं।
धुरंधर 2 ने तो ओपनिंग में record collection रिकॉर्ड कलेक्शन किया था, लेकिन अब लगता है कि hype हाइप कम हो गई है।
साउथ फिल्मों का steady growth स्थिर विकास देखकर अच्छा लगता है। ये फिल्में मौखिक चर्चा पर टिकी रहती हैं।
रणवीर का performance प्रदर्शन शानदार था, लेकिन शायद कहानी में दीर्घकालिक रुचि नहीं थी।
बुधवार को single-day edge एक दिन की बढ़त तो वाझा 2 के पक्ष में गई, लेकिन कुल lifetime collection आजीवन कलेक्शन अभी धुरंधर 2 के आगे है।
हर बार नहीं, लेकिन अब बार-बार देखने को मिल रहा है कि साउथ फिल्में national market राष्ट्रीय बाजार में real competition वास्तविक प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।