RBI का गुस्सा: रुपये की गिरावट में आर्बिट्राज ट्रेडिंग पर निशाना
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा बाजार में कुछ बैंकों की trading strategy पर सख्त नाराजगी जताई है। जब रुपया वैश्विक दबाव में था, तब कुछ खिलाड़ियों द्वारा arbitrage trading करने से मुद्रा की कमजोरी और बढ़ गई। RBI के डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर ने स्पष्ट किया कि संकट के समय ऐसी profit booking गतिविधियां स्थिरता के लिए खतरनाक हैं।
मध्य पूर्व में तनाव के बीच विदेशी निवेशक भारत से पैसा निकाल रहे थे, डॉलर की मांग बढ़ रही थी और रुपया लगातार दबाव में था। ऐसे समय RBI ने उम्मीद की थी कि बैंक market stability को बनाए रखने में योगदान देंगे। लेकिन कुछ ने भारतीय और विदेशी बाजारों के बीच दरों के अंतर का फायदा उठाकर डॉलर की तरलता पर अतिरिक्त दबाव डाला।
आर्बिट्राज का अर्थ है कम दाम वाले बाजार से खरीदना और ज्यादा दाम वाले में बेचना। यह normal practice है, लेकिन RBI का कहना है कि तनाव के समय यह additional pressure डाल सकता है। बैंकों को चेतावनी दी गई है कि रुपये के खिलाफ speculative activities बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI अब बैंकों की विदेशी मुद्रा स्थिति पर closer watch , ऑनशोर-ऑफशोर अंतर की निगरानी करेगा और जरूरत पड़ने पर नियामक सख्ती बढ़ाएगा। यह संकेत है कि रुपये की रक्षा में सिर्फ डॉलर बिक्री नहीं, बल्कि regulatory tools का भी इस्तेमाल हो सकता है।
इसका सीधा असर निवेशकों और बैंकों पर पड़ेगा। आर्बिट्राज गतिविधियां धीमी हो सकती हैं, dollar demand कम हो सकती है और अल्पकालिक अस्थिरता कम होने की उम्मीद है। हालांकि, बाजार की दिशा अभी भी वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगी। RBI ने साफ कर दिया है: संकट में public trust को जोखिम में डालकर मुनाफा कमाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
RBI का यह बयान सिर्फ चेतावनी नहीं, market signal बाजार के लिए संकेत है। अब बैंक अपनी ट्रेडिंग में सावधानी बरतेंगे।
क्या यह सच में आर्बिट्राज था या बस एक बहाना? कुछ बैंकों पर दबाव डालने की political move राजनीतिक कार्रवाई लग रही है।
मुझे डर है कि अगर वैश्विक दबाव बना रहा, तो ये regulatory pressure नियामक दबाव भी रुपये को बचा नहीं पाएगा।
आर्बिट्राज तो हमेशा से होता रहा है। समस्या तब है जब यह excessive trading अत्यधिक ट्रेडिंग बन जाता है।
RBI को स्थिरता चाहिए, लेकिन बैंकों को profit motive मुनाफे की प्रेरणा भी है। इन दोनों में fine line सूक्ष्म रेखा होती है।
अब देखना यह है कि क्या RBI सिर्फ बोलेगा या real action वास्तविक कार्रवाई भी करेगा।