‘किसिंग डिजीज’ का गहरा सच: लार के जरिए फैलता खतरनाक वायरस, जो मल्टीपल स्क्लेरोसिस को बढ़ा सकता है

पिछले कुछ दशकों में संक्रामक रोगों का spread दुनियाभर में तेजी से बढ़ा है। नए-नए viral और बैक्टीरियल संक्रमण अब आम लोगों को भी जल्दी चपेट में ले रहे हैं। डॉक्टरों की सबसे बड़ी concern उन लोगों के प्रति है जिनकी immunity , यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता, कमजोर है। ऐसे व्यक्तियों के लिए सामान्य संक्रमण भी गंभीर हो सकता है। अब medical reports एक ऐसे रोग के बारे में चेतावनी दे रही हैं जिसे आमतौर पर ‘kissing disease ’ कहा जाता है। नाम तो आकर्षक है, लेकिन इसके प्रभाव गंभीर हो सकते हैं — कुछ मामलों में यह दिमाग और रीढ़ की हड्डी के लिए भी serious risk बन सकता है।

इस बीमारी को मेडिकल भाषा में मोनोन्यूक्लिओसिस कहा जाता है और यह आमतौर पर एप्स्टीन-बार वायरस (ईबीवी) के कारण होती है। नाम ‘किसिंग डिजीज’ इसलिए पड़ा क्योंकि यह संक्रमित व्यक्ति की लार के संपर्क में आने से फैलती है। लेकिन यह केवल किस करने तक सीमित नहीं है। एक ही बोतल का उपयोग, shared utensils , छींकना, खांसना या संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब रहने से भी infection का खतरा रहता है। वैज्ञानिक इसे हल्के में लेने की warning देते हैं क्योंकि शुरुआती लक्षण आम viral fever जैसे होते हैं और अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।

प्रमुख लक्षणों में high fever , गले में लगातार दर्द, लिम्फ नोड्स में सूजन, शारीरिक कमजोरी और headache शामिल हैं। अधिकांश मामलों में यह हल्की रहती है, लेकिन जिनकी immune system पहले से कमजोर है, उनमें यह गंभीर हो सकती है। एक नए study में पता चला है कि ईबीवी से संक्रमित लोगों में मल्टीपल स्क्लेरोसिस होने का खतरा तीन गुना अधिक होता है। यह एक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की नसों को नुकसान पहुंचाती है।

शोधकर्ताओं ने लगभग 19,000 लोगों के data का विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि जिन युवाओं में लैब टेस्ट से ईबीवी की पुष्टि हुई, उनमें बाद में मल्टीपल स्क्लेरोसिस के development की संभावना काफी अधिक थी। इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की नसों की protective layer पर हमला कर देती है। इससे दिमाग और शरीर के बीच signals गड़बड़ा जाते हैं।

इसके नतीजे में मांसपेशियों में weakness , दृष्टि में कमी, हाथ-पैरों में numbness , अत्यधिक थकान और balance issues जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। समय के साथ, यह disability का कारण भी बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बढ़ते खतरे के मद्देनजर strong immunity बनाए रखना जरूरी है। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और hygiene जैसी आदतें इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

टिप्पणियाँ 6

  • राजेश_स्वास्थ्य

    मैंने तो सोचा था कि ‘किसिंग डिजीज’ सिर्फ एक मजाकिया नाम है, लेकिन real risk देखकर चौंक गया।

  • मीना_दिल्ली

    अब समझ आता है कि बच्चों को एक ही गिलास से पानी क्यों नहीं पीने देना चाहिए। simple habits बड़ी समस्याओं से बचा सकती हैं।

  • डॉ_अरुण

    जो लोग बार-बार infections का शिकार होते हैं, उन्हें अपनी immune health पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

  • प्रिया_एमएस

    मल्टीपल स्क्लेरोसिस के बारे में मेरा परिवार जानता है। यह long-term effect भारी पड़ सकता है।

  • संजय_ब्लॉगर

    इतने बड़े study में डेटा देखकर लगता है कि यह सिर्फ संयोग नहीं है। EBV और MS के बीच clear link है।

  • रीता_माँ

    क्या हम वाकई अपने बच्चों को हर kiss से बचाएं? यह डर बहुत emotional pressure डालता है।