IPL 2026: अजिंक्य रहाणे ने बनाया ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड, जिसे कोई बल्लेबाज कभी याद नहीं रखना चाहेगा
आईपीएल 2026 के 28वें मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच हुए मुकाबले ने एक अनचाहे रिकॉर्ड को जन्म दिया। ईडन गार्डन्स की धरती पर केकेआर के कप्तान risk लेने के बजाय सुरक्षित खेल की उम्मीद थी, लेकिन अजिंक्य रहाणे फिर विफल रहे। वे बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। इस decision के साथ उनके नाम एक शर्मनाक उपलब्धि जुड़ गई।
रहाणे अब आईपीएल इतिहास में सलामी बल्लेबाज के तौर पर सबसे अधिक बार जीरो पर आउट होने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। यह उनका 12वां duck है, जिसने पार्थिव पटेल (11 डक) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। शिखर धवन और गौतम गंभीर, दोनों के नाम 10-10 डक दर्ज हैं, जबकि डेविड वॉर्नर 9 बार ऐसा कर चुके हैं। यह एक ऐसी list है जिसमें कोई बल्लेबाज शामिल नहीं होना चाहता।
खेल के संदर्भ में इसका impact स्पष्ट है: केकेआर की ओपनिंग जोड़ी पूरी तरह फेल रही। रहाणे से पहले उनके साथी टिम सीफर्ट भी बिना रन बनाए आउट हुए। यह सिर्फ दूसरा मौका है जब केकेआर के दोनों सलामी बल्लेबाज जीरो पर आउट हुए। पिछला मामला 2014 में गंभीर और कैलिस के साथ था। रहाणे का इस सीजन का performance चिंताजनक है: 7 पारियों में महज 152 रन, 25.33 की औसत और सिर्फ एक अर्धशतक।
मैच के बाकी हिस्से में कोई बड़ा मोड़ नहीं आया। अंगकृष रघुवंशी (10 रन), कैमरन ग्रीन (27 रन) और रोवमैन पॉवेल (23 रन) भी अपनी टीम को बाहर नहीं खींच सके। इससे पहले, आरआर ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 155 रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी ने 28 गेंदों में 46 रन की पारी खेली, जबकि यशस्वी जायसवाल ने 39 रन जोड़े। बाकी बल्लेबाजों के struggle के बावजूद, केकेआर के गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा। वरुण चक्रवर्ती और कार्तिक त्यागी ने तीन-तीन विकेट लेकर अहम contribution दिया।
आईपीएल में रहाणे की खराब फॉर्म चर्चा का विषय बनी हुई है। लगातार दो मैचों में डक पर आउट होना न सिर्फ उनका confidence पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि टीम के समग्र प्रदर्शन पर भी दबाव डालता है। फैंस के बीच चर्चा यह है कि क्या उन्हें ओपनिंग से हटाकर मिडल ऑर्डर में आजमाया जाए। फिलहाल, रहाणे के लिए एक रन भी महत्वपूर्ण होगा।
12 बार डक? ये सिर्फ बुरी फॉर्म नहीं, pressure दबाव में खेलने की कमी है।
पहले गंभीर, अब रहाणे… क्या केकेआर की ओपनिंग स्लॉट श्रापित है? trust भरोसा डगमगा रहा है।
वैभव ने तो 46 रन बनाए, लेकिन क्या ये score स्कोर मैच जिताने वाला था? शायद नहीं।
रहाणे को तुरंत ड्रॉप करना चाहिए। इतनी failure असफलता के बाद कप्तानी नहीं संभालनी चाहिए।
आउट होने के बाद सीधे ड्रेसिंग रूम जाना पड़ता है। कल्पना करो, 12 बार ऐसा moment पल आया हो।
हर कोई रहाणे पर चिल्ला रहा है, लेकिन टीम के strategy रणनीति में बदलाव कब होगा?