अर्चना पूरन सिंह ने बताया क्यों थम गया फिल्मी करियर, बोलीं- अब कोई काम नहीं दे रहा

मशहूर अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह ने हाल में अपने फिल्मी करियर को लेकर एक honest खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे द कपिल शर्मा शो की व्यस्त schedule के कारण उन्हें कई फिल्मों के ऑफर ठुकराने पड़े, जिसके बाद उन्हें बॉलीवुड में काम मिलना लगभग बंद हो गया।

शुरुआत में फिल्म 'जलवा' में मुख्य role निभाने के बाद अर्चना का करियर धीरे-धीरे सहायक किरदारों तक सीमित हो गया। फिल्मों जैसे 'कुछ कुछ होता है' और 'बोल बच्चन' में उनकी comedy timing ने उन्हें लोकप्रिय बनाया, लेकिन यही उनके लिए typecast की समस्या बन गया।

2019 में कपिल शर्मा के शो में नवजोत सिंह सिद्धू की जगह लेने के बाद अर्चना को लगातार shooting के लिए 100 एपिसोड शूट करने पड़ते थे। उन्होंने बताया कि एक फिल्म के लिए स्कॉटलैंड जाना था, लेकिन commitment के कारण वह शो छोड़कर नहीं जा सकीं।

लगातार 'ना' कहने के बाद निर्माताओं ने उन्हें approach करना बंद कर दिया। लेकिन अब शो का seasonal फॉर्मेट उन्हें समय देता है। इसी बदलाव की वजह से वे राजकुमार राव की फिल्म 'टोस्टर' में वापसी कर रही हैं, जहां वे एक significant कॉमेडी भूमिका निभा रही हैं।

अर्चना ने माना कि अगर वे फिल्म 'विक्की विद्या का वो वाला वीडियो' में राजकुमार राव के साथ नहीं काम करतीं, तो 'टोस्टर' का मौका नहीं मिलता। यह फिल्म राजकुमार और पत्रलेखा के लिए निर्माण में पदार्पण का मौका भी है।

प्रतिक्रियाएँ 7

  • मंचरंग

    अब तो शो का format भी बदल गया है, लेकिन उनके करियर को जो नुकसान हुआ, वो कैसे पलटेगा?

  • हंसीवाला

    कपिल के शो में उनकी presence बहुत मजेदार होती है, लेकिन फिल्में भी तो जरूरी हैं।

  • रीमा

    बार-बार turn down करने का मतलब है कि इंडस्ट्री तुम्हें भूल जाएगी। ये ही हुआ ना?

  • थिएटरवाला

    शुरुआत में बड़ी भूमिका मिली थी, लेकिन टाइपकास्टिंग ने सब बिगाड़ दिया।

  • चुपचाप

    100 एपिसोड सालाना? ये तो पूरा work pressure है। किसी के पास कुछ और करने का वक्त कैसे बचेगा?

  • फिल्मीमन

    अगर राजकुमार राव ने उन्हें याद नहीं किया होता, तो comeback होती भी नहीं।

  • सीमा

    नेटफ्लिक्स जैसे platforms ने उनकी किस्मत बदल दी। अब तो OTT ही नए अवसर दे रहा है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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