पंजाब की जीत का निर्णायक पल: शशांक के ओवर ने बदला मैच का रुख
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 17वें मैच में पंजाब किंग्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 6 विकेट से हराकर अपनी तीसरी जीत दर्ज की। इस जीत का turning point था शशांक सिंह का नौवां ओवर — वह पल जब मैच का पूरा momentum बदल गया। न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर में टॉस जीतकर पंजाब ने पहले गेंदबाजी का decision किया, लेकिन शुरुआत में ऐसा लगा जैसे कप्तान श्रेयस अय्यर एक बड़ी mistake कर बैठे हैं।
सनराइजर्स के ओपनर जोड़ी अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड ने पहले 6 ओवर में ही 100 रन score । चौके-छक्कों की rain के बीच यह लग रहा था कि स्कोर 250 के पार जाएगा। ऐसे में अय्यर ने एक बहादुर move चली — शशांक सिंह को गेंदबाजी के लिए बुलाया। यह निर्णय आईपीएल इतिहास के महान strategy के क्षणों में से एक बन गया।
शशांक ने ओवर की दूसरी ही गेंद पर ट्रेविस हेड को आउट कर दिया। उसके बाद चौथी गेंद पर अभिषेक शर्मा का भी wicket ले लिया। बैक-टू-बैक विकेटों ने सनराइजर्स के attack को रोक दिया। बल्लेबाजी क्रम अचानक से बिखर गया, रनों की rate धीमी हो गई। जहां टीम 150 तक पहुंचते-पहुंचते 250 के करीब लग रही थी, वहीं वह 20 ओवर में महज 219 रन तक ही पहुंच पाई।
मैच के बाद ईशान किशन ने स्वीकार किया कि टीम failed रही। उनका मानना था कि यह स्कोर 250 के आसपास होना चाहिए था। लेकिन पंजाब के गेंदबाजों ने शुरुआती रनों के बावजूद fight back की, और रणनीतिक दृष्टि से शशांक का ओवर साबित हुआ खेल का निर्णायक moment ।
पंजाब किंग्स ने लक्ष्य का पीछा करते हुए भी strong performance दिखाया। प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह और कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद अर्धशतक लगाए। अंत में 7 गेंद रहते जीत दर्ज की गई। यह जीत न सिर्फ अंक तालिका में सुधार करेगी, बल्कि टीम के confidence को भी मजबूत करेगी।
वाह! वो शशांक का ओवर देखकर बस ऐसा लगा जैसे कोई फिल्मी सीन चल रहा हो। एक single over एक ओवर में दो विकेट — इसे कहते हैं प्रेशर में कमाल करना।
अय्यर के दिमाग की बात है। जब सब रन लुट रहे थे, तब शशांक जैसे गेंदबाज को डालना — ये risk जोखिम उठाने की हिम्मत चाहिए।
क्या यह ओवर वाकई मैच का सबसे बड़ा turning point टर्निंग पॉइंट था? सोचिए, अगर वो दो विकेट नहीं गिरते तो स्कोर 240+ होता। फिर चेज करना कितना मुश्किल होता।
हमारे ओपनरों ने अच्छा शुरू किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज failed असफल रहे। जब 100/0 हो, तो 219 सिर्फ औसत है।
शशांक को इतनी देर तक क्यों बचाया गया? उसका ये impact प्रभाव देखकर लगता है, उन्हें जल्दी डालना चाहिए था।
हमारी टीम ने जीत के लिए team effort टीम वर्क दिखाया। गेंदबाजी, बल्लेबाजी, सब कुछ बेहतरीन था। आगे भी ऐसा ही चले!