IPL 2026: टी20 के विशेषज्ञ बल्लेबाज निकोलस पूरन के बल्ले से ढेरों रन का LSG को बेसब्री से इंतजार है
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए आईपीएल 2026 का सीजन अब तक उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है, और टीम की निगाहें अब टी20 क्रिकेट के विस्फोटक बल्लेबाज the specialist निकोलस पूरन पर टिकी हैं। 17 अप्रैल तक खेले गए 5 मैचों में केवल 2 जीत के साथ टीम प्लेऑफ़ की दौड़ में पिछड़ती नजर आ रही है। ऐसे में, जब टीम में ऋषभ पंत और पूरन जैसे powerful बल्लेबाज हों, तो इस प्रदर्शन से निराशा भी है और pressure भी।
पूरन के रिकॉर्ड इस सीजन चिंताजनक हैं: 5 पारियों में केवल 42 रन, 8.40 का औसत और 76 का स्ट्राइक रेट। एक भी पारी में 20 रन नहीं बनाना उनके लिए असामान्य है। यहां तक कि केमरून ग्रीन ने भी रन बनाने शुरू कर दिए हैं, लेकिन पूरन अभी तक form में नहीं आए हैं। उनका यह drought टीम के आक्रामक दृष्टिकोण के विपरीत है, खासकर जब लखनऊ ने उन्हें 21 करोड़ रुपये में retained किया था और उपकप्तानी भी दी थी।
तकनीकी तौर पर भी पूरन की कमजोरी स्पिनर्स के खिलाफ साफ दिख रही है। गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 21 गेंदों में 19 रन में 12 डॉट बॉल्स का होना उनकी अटैकिंग मानसिकता पर सवाल खड़ा करता है। यह वही खिलाड़ी है जिसने पिछले सीजन 197 के स्ट्राइक रेट से 524 रन बनाए थे। उसके मुकाबले इस सीजन का performance टीम के लिए बड़ी disappointment है।
हालांकि, टीम स्टाफ अभी भी उन पर faith जता रहा है। क्रिकेट डायरेक्टर टॉम मूडी का कहना है कि 'क्लास' हमेशा वापस आती है। पूरन ने 448 टी20 मैचों में 10413 रन बनाए हैं, जो उन्हें global स्तर पर एक शीर्ष बल्लेबाज बनाता है। टीम को उम्मीद है कि वे जल्द ही अपना counterattack शुरू करेंगे।
दिलचस्प बात यह है कि 12 अप्रैल को गुजरात के खिलाफ मैच में पूरन ने एलएसजी के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह दिखाता है कि वे अभी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण हैं। आयुष बडोनी भी 1000 रन पूरे कर चुके हैं और तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन पूरन के resurgence का इंतजार पूरी टीम और प्रशंसक कर रहे हैं।
21 करोड़ में रिटेन किया गया खिलाड़ी अब तक इतने कम रन? ये cost लागत टीम के लिए बोझ बन रही है।
स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ पूरन की कमजोरी अब पुरानी बात नहीं रही। हर टीम इसका advantage फायदा उठा रही है।
मैं समझता हूं कि प्रेशर बहुत है, लेकिन जो expectation अपेक्षा टीम ने रखी, उस पर खरा उतरना जरूरी था।
पिछले सीजन के बाद 6 लगाने वाले सबसे बड़े खिलाड़ी में अभी भी वो टॉप पर हैं। एक slump स्लंप में आना तो होता है।
क्या पूरन को बेंच पर बैठाना एक strategy रणनीति हो सकती है? ताकि वो फ्रेश माइंड से वापस आएं।
मूडी का विश्वास दिलचस्प है, लेकिन अगर वो अगले 3 मैच में भी फेल रहे, तो patience धैर्य खत्म हो जाएगा।
पूरन के 448 टी20 मैचों का अनुभव नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ये कोई flash फ्लैश इन द पैन नहीं है।
जब तक वो रन नहीं बनाते, तब तक हर मैच के बाद यही debate बहस चलती रहेगी। वापसी कब होगी?