लड़कियों के 350 अश्लील वीडियो बनाने वाले अयान की सड़क पर बर्थडे पार्टी, पुलिस क्यों हुई शामिल?
मुंबई: एक 19 साल के लड़के अयान अहमद ने सोशल मीडिया और कोचिंग के नाम पर लड़कियों को victims को फंसाकर उनके साथ यौन शोषण किया और 350 से अधिक explicit videos बना लिए। अमरावती के परतवाड़ा यौन उत्पीड़न मामले के मुख्य आरोपी को लेकर एक वीडियो ने जनता के बीच public trust पर सवाल खड़ा कर दिया है। दिसंबर 2025 के बताए जा रहे उस वीडियो में अयान बीच सड़क पर अपना जन्मदिन मना रहा है, और उसके जश्न में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक एपीआई (सहायक पुलिस निरीक्षक) सहित तीन पुलिसकर्मी जन्मदिन के जश्न में शामिल हैं। अयान को सफेद हुडी में देखा गया, जो एक टेबल पर चार केक काट रहा है। आसपास लोग तालियां बजा रहे हैं, आतिशबाजी हो रही है, और कई लोग उसे गले लगा रहे हैं। एक पुलिसकर्मी उसे हाथ से केक खिला रहा है, जबकि अयान अन्य police officers को भी केक खिला रहा है। यह तस्वीर सामाजिक संवेदना और law enforcement के प्रति लोगों के विश्वास को झकझोर रही है।
जांच के मुताबिक, अयान लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर एक फ्लैट में ले जाता था, जहां वह उनका शोषण करता था। उस फ्लैट के लिए उसने एक दोस्त को प्रति विजिट 500 रुपये देने की बात मानी है। इस मामले में अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और उनके पास से 5 मोबाइल, 1 लैपटॉप और 1 टैबलेट जब्त किए गए हैं। forensic investigation के लिए ये उपकरण भेजे गए हैं।
अब तक 18 explicit videos और 39 आपत्तिजनक फोटो बरामद की गई हैं, लेकिन अयान के पास 350 वीडियो बनाने का दावा किया गया है। इस बीच, छह पुलिसकर्मियों को हेडक्वार्टर अटैच कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो चुकी है। यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस घिनौने अपराध में पुलिसकर्मियों की involvement सिर्फ सामाजिक जश्न तक सीमित है, या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है?
पीड़ित लड़कियों और उनके परिवारों के लिए यह घटना एक बड़ा भावनात्मक आघात है। वहीं, आम जनता के बीच न्याय के प्रति confidence को लेकर चिंता बढ़ रही है। एक ऐसे आरोपी के साथ पुलिसकर्मियों का जश्न मनाना न केवल नैतिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कानून के निष्पादन में जवाबदेही कहां खो गई है।
एक आरोपी जिसने इतनी बेकसूर लड़कियों के साथ बर्बरता की, उसके साथ पुलिस का जश्न मनाना बस हैरान कर देने वाला है। ये सिर्फ public trust जन भरोसे नहीं तोड़ता, बल्कि पीड़ितों के दर्द को ठेस पहुंचाता है।
क्या ये सिर्फ एक गलती थी या इसके पीछे कोई deeper connection गहरा रिश्ता है? पुलिसकर्मियों की शामिलगी कोई आम बात नहीं है।
मेरी बेटी भी कोचिंग जाती है। ऐसी खबर पढ़कर fear डर लगता है। क्या हमारी बच्चियों के लिए सुरक्षा बिल्कुल नहीं है?
इतने वीडियो बनाने के लिए उसे तकनीकी मदद कौन कर रहा था? क्या बस एक लड़का अकेले इतना बड़ा नेटवर्क चला सकता है? investigation जांच में और गहराई होनी चाहिए।
पुलिस अधिकारी उसे केक खिला रहे हैं और हम बात कर रहे हैं कि उसने कितने वीडियो बनाए। यह तो shame शर्म की बात है।
अगर इस तरह के मामलों में law enforcement कानून व्यवस्था की भूमिका पर सवाल है, तो न्याय कैसे मिलेगा? जवाबदेही की कमी सबसे बड़ी समस्या है।