माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज़ 11 ऐप्स से हटाया कोपायलट बटन, एआई को अब छुपाकर रखेगा?

माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज़ 11 के कई ऐप्स जैसे नोटपैड, स्निपिंग टूल, फोटोज़ और विजेट्स में से कोपायलट बटन हटा दिया है। यह परिवर्तन कंपनी के तरीके में बदलाव को दर्शाता है कि वह अपने AI features को विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम में कैसे जोड़ रही है। हालांकि तकनीक अब भी मौजूद है, लेकिन उसकी visibility कम कर दी गई है।

इस बदलाव की घोषणा माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज़ एंड डिवाइसेज़ के अध्यक्ष पवन दावूलुरी ने एक ब्लॉग पोस्ट में की, जिसका शीर्षक था "हमारी विंडोज़ की गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता"। कंपनी ने कहा कि वह "अनावश्यक कोपायलट एंट्री पॉइंट्स" को कम करेगी, और इसकी शुरुआत स्निपिंग टूल, फोटोज़, विजेट्स और नोटपैड जैसे ऐप्स से की जा रही है। यह अपडेट धीरे-धीरे सभी users तक पहुंच रहा है।

नोटपैड के नवीनतम संस्करण (v11.2512.28.0) में, लिखें, फिर से लिखें, सारांश बनाएं जैसी सुविधाओं से कोपायलट का नाम हटा दिया गया है। पहले टूलबार में मौजूद कोपायलट आइकन को अब एक तटस्थ कलम आइकन से बदल दिया गया है, जिसे "राइटिंग टूल्स" कहा गया है, और इसमें एआई का कोई सीधा उल्लेख नहीं है। हालांकि ब्रांडिंग गायब है, लेकिन सुविधा अभी भी AI-powered है।

दूसरी ओर, स्निपिंग टूल में बदलाव अधिक सीधा है। क्विक मार्कअप के बाद दिखने वाला कोपायलट बटन पूरी तरह हटा दिया गया है। नोटपैड के विपरीत, जहां एआई फीचर्स पृष्ठभूमि में मौजूद हैं, वहीं स्निपिंग टूल में अब कोई दृश्यमान एआई एकीकरण नहीं है। यह बताता है कि कंपनी उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस की भीड़ को लेकर user feedback को गंभीरता से ले रही है।

इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि माइक्रोसॉफ्ट एआई तकनीक को वापस ले रही है। बल्कि, वह इसे कम चमकीले तरीके से पेश करना चाहती है। पहले कोपायलट को विंडोज़ 11 में कई जगह जोड़ा गया था, लेकिन अब संकेत यह हैं कि कंपनी एक कम प्रमुख, लेकिन अधिक functional integration की ओर बढ़ रही है।

टिप्पणियाँ 6

  • राहुल_टेक

    अब तो बहुत ज्यादा बटन थे। कम से कम नोटपैड में तो interface clutter कम होगा।

  • स्नेहा_एनालिस्ट

    दिखावे के बजाय real functionality पर ध्यान देना सही कदम है।

  • विकास_पी

    मुझे लगता है यह ब्रांड थकान के कारण हुआ है। हर जगह Copilot लगाना थोड़ा ज्यादा था।

  • अंकित_यूजर

    स्निपिंग टूल से पूरा बटन हट गया? वाकई? मुझे तो लगा वो उपयोगी था। rollback इतनी तेज़ क्यों?

  • नीतू_मैक

    अगर फीचर काम कर रहा है, तो नाम बदलने से क्या फर्क पड़ता है? marketing move लगता है।

  • जगदीश_सर

    क्या अब एआई फीचर्स बंद करने का विकल्प भी आसानी से मिलेगा? अभी तो advanced features में छिपा है।