9वीं और 10वीं में अब केवल दो भाषा विषय: सीबीएसई का बड़ा फैसला

अब 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों को केवल two subjects ही भाषा के रूप में लेने होंगे। सीबीएसई ने तीन भाषा विषयों को लेकर लगातार उठ रहे questions के बीच यह स्पष्टीकरण दिया है। इस बदलाव के साथ, छात्रों को अब पहली भाषा के तौर पर हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू या कन्नड़ में से किसी एक का selection करना अनिवार्य होगा।

दूसरी भाषा के तौर पर, छात्रों के पास 43 विषयों में से किसी एक को चुनने का option होगा, लेकिन एक ही भाषा को पहली और दूसरी भाषा दोनों के रूप में नहीं चुना जा सकेगा। बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पहली भाषा में चुनी गई भाषा को दूसरे विषय के रूप में फिर से चुनने की permission नहीं होगी।

एक और महत्वपूर्ण decision यह है कि 10वीं कक्षा में छात्र भाषा विषय नहीं बदल पाएंगे। जो भाषाएं उन्होंने 9वीं में चुनी होंगी, उन्हीं के साथ वे 10वीं में भी जाएंगे। यह policy 2026-27 के सत्र से लागू होगी, और 9वीं की मूल्यांकन प्रणाली अगले साल भी जारी रहेगी।

इसके अलावा, सीबीएसई ने घोषणा की है कि अकादमिक सत्र 2029-30 तक 9वीं कक्षा में कोई तीसरी भाषा नहीं होगी। साथ ही, अंग्रेजी के 'संवादात्मक' पाठ्यक्रम को भी बंद कर दिया गया है। अब केवल एक ही course 'अंग्रेजी' रहेगा, जिसमें एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तक 'कावेरी' का उपयोग किया जाएगा।

हालांकि, वे छात्र जिन्होंने 9वीं में संवादात्मक अंग्रेजी चुनी थी, वे उसे 10वीं में जारी रख सकते हैं। कन्नड़ भाषा के लिए, एससीईआरटी ने आर1 और आर2 दोनों स्तरों के लिए विशेष पाठ्यपुस्तकें तैयार की हैं, जो छात्रों के लिए available कराई गई हैं।

टिप्पणियाँ 6

  • शिक्षा_सच

    अब कम से कम भाषा के नाम पर छात्रों का सिर नहीं चकराएगा। burden कम होगा, लेकिन क्या गुणवत्ता बनी रहेगी?

  • माँ_नीतू

    हमारे बच्चे पहले से ज्यादा दबाव में हैं। यह change थोड़ी राहत देगा।

  • भाषा_जागरूक

    कन्नड़ के लिए अलग पाठ्यक्रम? यह तो बहुभाषी approach की तरफ कदम है।

  • सच्चरित

    एक भाषा को दो बार नहीं चुन सकते? तो फिर क्या फ्रेंच या संस्कृत को दूसरी भाषा के तौर पर चुनना ज्यादा attractive हो जाएगा?

  • राजनीति_की_कक्षा

    तीसरी भाषा को रोकना संस्कृति पर pressure डाल सकता है। यह नीति भाषाई विविधता के खिलाफ जा रही है।

  • प्रगति_की_ओर

    अंग्रेजी में एकीकृत पाठ्यक्रम अच्छा है। अब गुणवत्ता के साथ learning का मौका मिलेगा।