‘याद रखेंगे’: एक फिल्म के बाद पाकिस्तानी नेता ने दी आदित्य धर को चुनौती
एक फिल्म जिसने बॉक्स ऑफिस पर 1300 करोड़ से ज्यादा की कमाई की, वो अब सिर्फ सिनेमा की दुनिया की बात नहीं रही — वो politics की दुनिया में भी छा गई है। भारत की ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी 'धुरंधर' ने न सिर्फ दर्शकों को झकझोरा, बल्कि पाकिस्तान के एक नेता के दिल में भी आग लगा दी। जमील जमाली — यानी नबील गबोल — ने अब फिल्म के निर्देशक आदित्य धर को सीधे तौर पर challenge दे दी है। उनका कहना है, 'उन्होंने किससे पंगा लिया है? मुझे जानते नहीं, मैं कौन हूं?'
नबील गबोल, जो पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता हैं, ने एक वीडियो में साफ कहा कि वह 'ल्यारी का गब्बर' नामक फिल्म बनाएंगे — एक ऐसी project जो भारत की 'धुरंधर' श्रृंखला का जवाब होगी। उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा जवाब दूंगा, जिसे आदित्य धर याद रखेंगे।' यह बात सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, और दोनों देशों के बीच debate का नया केंद्र बन गई है। फिल्म 'धुरंधर 2' के बाद भी यह क्रेज कम नहीं हुआ, बल्कि और तेज हो गया है।
गौरतलब है कि 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी का जमील जमाली नामक किरदार राकेश बेदी द्वारा निभाया गया था, जिसे नबील गबोल से inspired बताया गया है। इसी वजह से गबोल को सोशल मीडिया पर 'पाकिस्तान का जमील जमाली' कहा जाता है। अब वह खुद एक film बनाकर अपनी कहानी पेश करना चाहते हैं। उनकी योजना कराची के ल्यारी इलाके पर आधारित फिल्म बनाने की है, जिसे वह ल्यारी की आबादी और उसकी culture का झलक दिखाने के लिए बना रहे हैं।
अभी यह साफ नहीं है कि यह project किस स्तर पर है या कब शुरू होगा। लेकिन इतना तय है कि एक फिल्म ने जिस तरह से राजनीतिक और सांस्कृतिक boundaries को पार किया है, वो अब मनोरंजन से आगे बढ़कर एक सामाजिक कथा बन गई है। जबकि 'धुरंधर' ने दुनियाभर में 1780 करोड़ रुपए की कमाई की है, गबोल का 'ल्यारी का गब्बर' अब तक सिर्फ एक statement है — लेकिन क्या यह जल्द ही स्क्रीन पर आएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
इस पूरे मामले में फिल्म उद्योग के साथ-साथ media और आम जन की प्रतिक्रिया भी साफ दिख रही है। एक तरफ जहां कुछ इसे नई creative का संकेत मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई लोग इसे सिर्फ एक publicity का हथियार मान रहे हैं। लेकिन एक बात सच है — आज एक फिल्म की ताकत बस बॉक्स ऑफिस तक ही नहीं, बल्कि वह पहचान तक पहुंच गई है जिसे लोग अपने अस्तित्व से जोड़ रहे हैं।
अगर वाकई 'ल्यारी का गब्बर' बनता है, तो ये क्रॉसओवर का जन्म होगा। फिल्मों के बीच जंग? मजेदार!
आदित्य धर की फिल्में हमेशा से bold साहसी रही हैं, लेकिन ये प्रतिक्रिया उनके लिए नई चुनौती है।
सिर्फ एक वीडियो बयान और पूरा ट्रेंड बन गया। viral वायरल होने का जमाना है, यकीनन।
क्या ये सच में फिल्म बनेगी या सिर्फ एक drama नाटक है? ल्यारी के बारे में तो बहुत कुछ कहा जाता रहा है।
अगर ल्यारी पर फिल्म बनी, तो उसकी प्रामाणिकता बहुत जरूरी होगी। स्टीरियोटाइप नहीं चाहिए।
नबील भाई ने तो धमाकेदार डायलॉग मारा, 'याद रखेंगे' — बॉलीवुड स्टाइल!
ल्यारी हमारी आत्मा है। अगर फिल्म बनती है तो respect सम्मान के साथ बने।
सीमा पार भी फिल्में अब impact प्रभाव डाल रही हैं। ये नई दुनिया है।