क्रिप्टो बाजार में हाहाकार: सिर्फ ट्रॉन हरा, बाकी सब लाल
क्रिप्टो मार्केट में एक बार फिर market के सभी संकेतों में लालिमा छाई हुई है। मार्केट कैप के हिसाब से टॉप-10 क्रिप्टो में से सिर्फ एक, ट्रॉन, लाभ में है, जबकि बाकी सभी मुद्राओं की कीमतों में गिरावट आई है। सबसे बड़ी मुद्रा बिटकॉइन 1.59% गिरकर $71,661.29 के स्तर पर आ गई है। यह decline निवेशकों के बीच concern को बढ़ा रही है, खासकर जब पूरे बाजार का मूल्यांकन $2.43 लाख करोड़ तक सिमट गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस के statement ने बाजार की दशा में और तेजी ला दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ ceasefire बढ़ाने को लेकर कोई agreement नहीं बन पाई है, जिसके बाद निवेशकों ने risk कम करने के लिए लाभ उठाना शुरू कर दिया। इस tension ने बाजार में panic मचा दिया, जिससे लेन-देन में भी 8.02% की गिरावट आई।
इस बीच, एथेरियम भी 1.05% टूटा, जबकि सोलाना और बीएनबी में 2.5% और 1.95% की गिरावट आई। यहां तक कि stablecoin जैसे टेथर और यूएसडी क्वॉइन भी न्यूनतम गिरावट के साथ संकेत दे रहे हैं कि market के भीतर अस्थिरता फैल रही है। लेन-देन का कुल आकार अब $8433 करोड़ रह गया है, जो पिछले दिन से काफी कम है।
हालांकि, सप्ताहिक आंकड़े कुछ उम्मीद बंधाते हैं। एक हफ्ते में बिटकॉइन 7% और एथेरियम 8.47% मजबूत रहा। हाइपरलिक्विड तो 14.2% बढ़कर सबसे तेजी से बढ़ने वाली मुद्रा बन गया। यह trend दिखाता है कि निवेशक अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को गंभीरता से ले रहे हैं, लेकिन दीर्घकालिक confidence अभी भी बरकरार है।
विश्लेषकों का कहना है कि जियोपॉलिटिकल tension के बीच जोखिम वाली संपत्तियों में अस्थिरता सामान्य है। लेकिन जब तक regulation में स्पष्टता नहीं आती या global market में स्थिरता नहीं आती, ऐसे volatility के दौर जारी रह सकते हैं। निवेशकों को strategy बनाए रखने और decision quickly लेने की आवश्यकता है।
इतनी बड़ी drop गिरावट के बाद भी बिटकॉइन 7% ऊपर, यह समझ नहीं आता। क्या यह मैनिपुलेशन नहीं है?
अमेरिकी नेता के बयान पर पूरा market बाजार डगमगाए, यह भारतीय निवेशकों के लिए बड़ा risk जोखिम है।
हाइपरलिक्विड ने सबको पीछे छोड़ दिया। जो altcoin अल्टकॉइन इतना तेज बढ़ेगा, उस पर नजर रखनी चाहिए।
लेन-देन में 8% की गिरावट? यह तो liquidity तरलता की समस्या दिखाता है। क्या बाजार सूख रहा है?
स्टेबलकॉइन भी झुक गए, तो समझ लो panic दहशत बहुत गहरी है। भरोसा टूट रहा है।
अगर भू-राजनीति impacts प्रभावित कर सकती है, तो निवेश में विविधता जरूरी है।