IPL इतिहास में 5 नंबर के बाद शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची, तिलक वर्मा के अलावा ये 3 शामिल
तिलक वर्मा ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ आईपीएल 2026 में अपने करियर का पहला शतक लगाकर न सिर्फ फैंस को हैरान किया, बल्कि एक दुर्लभ क्लब में अपनी जगह बनाई। उन्होंने position पर बल्लेबाजी करते हुए महज 45 गेंदों में नाबाद 101 रन बनाए। इसी के साथ वे आईपीएल इतिहास में century लगाने वाले चौथे बल्लेबाज बन गए, जब निचले मध्यक्रम से उतरे हों। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले 9 सालों में किसी ने भी इस position से शतक नहीं ठोका था।
इस सूची में सबसे पहले नाम आता है यूसुफ पठान का, जिन्होंने 2010 में राजस्थान रॉयल्स के लिए ब्रेबोर्न स्टेडियम में महज 37 गेंदों पर एक ऐसा शतक जड़ा जिसे आज भी आईपीएल के सबसे तेज और तबाहकन बल्लेबाजी में गिना जाता है। वह number five पर बल्लेबाजी कर रहे थे। उनके बाद 2013 में डेविड मिलर ने मोहाली में आरसीबी के खिलाफ किंग्स इलेवन पंजाब के लिए 38 गेंदों में नाबाद 101 रन बनाए। उनकी आतिशी पारी ने एक लाचार टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया था।
इसके बाद 2017 में इंग्लैंड के बेन स्टोक्स ने गुजरात लायंस के खिलाफ पुणे वॉरियर्स के लिए नंबर 5 पर आकर 63 गेंदों में नाबाद 103 रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ match का रुख बदल दिया, बल्कि उन्हें इस विशिष्ट सूची में शामिल कर दिया। उनकी पारी में न केवल ताकत थी, बल्कि intelligent भी झलक रही थी।
तिलक वर्मा का शतक न सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह आधुनिक क्रिकेट में middle order की भूमिका को भी दर्शाता है। आज के खेल में मध्यक्रम के खिलाड़ियों से उम्मीद होती है कि वे pressure में टिकें और फिर तेजी से रन बनाएं। तिलक ने ठीक यही किया। उनके शतक ने मुंबई इंडियंस को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और दूसरी टीमों को यह संकेत दिया कि मध्यक्रम अब भी खेल का game-changing चरण हो सकता है।
आईपीएल में इस तरह के शतक कम ही आते हैं क्योंकि मध्यक्रम में उतरने वाले बल्लेबाजों के पास कम समय होता है और वे अक्सर crucial स्थिति में आते हैं। ऐसे में शतक लगाना एक बड़ी उपलब्धि है। तिलक के इस प्रदर्शन ने फैंस और विशेषज्ञों दोनों का attention खींचा है। अब यह देखना होगा कि क्या वह इस फॉर्म को आगे बरकरार रख पाते हैं।
यूसुफ पठान का वो शतक आज भी दिमाग में है। 37 गेंदों में शतक? ये record रिकॉर्ड कभी नहीं टूटेगा।
तिलक वर्मा ने साबित कर दिया कि नंबर 5 भी शतक लगा सकता है। अब मुंबई के मध्यक्रम में confidence आत्मविश्वास बढ़ेगा।
मिलर का वो मैच मोहाली में... क्या कहने? आरसीबी को उस रात एहसास हुआ कि firepower आग नीचे भी आ सकती है।
स्टोक्स की पारी सबसे ज्यादा intelligent समझदारी वाली थी। नाजुक स्थिति, पर उन्होंने गलती नहीं की।
तिलक ने तो 45 गेंदों में बना दिए 101। ये आजकल के बल्लेबाजों की style शैली है — तेज, बेझिझक।
क्या आईपीएल में अब मध्यक्रम से ज्यादा शतक आएंगे? या ये अभी भी rare दुर्लभ घटना बनी रहेगी?
इतने साल बाद नंबर 5 से शतक? ये दिखाता है कि टीमें मध्यक्रम को लेकर approach दृष्टिकोण बदल रही हैं।
तिलक का ये impact प्रभाव न सिर्फ मैच में, बल्कि उनके करियर पर भी पड़ेगा।