दिग्वेश राठी का शांत जश्न: बैन के डर ने बदल दिया जश्न का अंदाज
आईपीएल 2026 के 19वें मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस के बीच हुई टक्कर ने सिर्फ स्कोरलाइन नहीं बदली, बल्कि एक गेंदबाज के pressure में जश्न मनाने के तरीके को भी बदल दिखाया। 26 साल के दिग्वेश राठी ने गुजरात के ओपनर साई सुदर्शन को आउट करते ही मैदान पर एक काल्पनिक साइन करने का नाटक किया — लेकिन इस बार बिल्कुल शांत अंदाज में। पिछले सीजन के आक्रामक जश्न के बाद लगे बैन और जुर्माने की याद अब भी उनके हर decision पर सवाल खड़ा कर रही है।
मैच के दौरान, राठी ने सुदर्शन के खिलाफ एक छोटी गेंद फेंकी, जो फाइन लेग पर खड़े आवेश खान के हाथों में आ गई। विकेट मिलते ही वे झुके और धरती पर अपने हाथ से एक signature बनाने का इशारा कर दिया। पिछले साल तक वे बल्लेबाज की आंखों में देखकर, काल्पनिक लाइन पार करके जश्न मनाते थे — जिसे अधिकारियों ने 'अनुचित आचरण' माना था। इस बार उन्होंने नजर नहीं मिलाई, न ही कोई आक्रामक इशारा किया।
आईपीएल नियमों के तहत, किसी खिलाड़ी के डिमेरिट पॉइंट 36 महीने तक बने रहते हैं। राठी के खाते में अभी पांच पॉइंट हैं। आठ पॉइंट होते ही दो मैच का बैन लग जाता है, 11 पर तीन मैच का। इसलिए वे अब हर celebration को लेकर जागरूक हैं। एक छोटी गलती भी टीम के लिए महंगी पड़ सकती है।
मैच का परिणाम गुजरात के पक्ष में रहा, जिन्होंने 18.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। शुभमन गिल और जोस बटलर की अर्धशतकीय पारियों ने रास्ता साफ किया। वहीं, गुजरात के प्रसिद्ध कृष्णा ने 28 रन देकर चार विकेट लेकर पर्पल कैप पर कब्जा जमा लिया। लखनऊ के गेंदबाजों, जिनमें शमी और प्रिंस यादव भी शामिल हैं, ने impact डालने में नाकामी दिखाई।
इस मैच ने न सिर्फ एक टीम की जीत दर्ज की, बल्कि खिलाड़ी के व्यवहार के बदलाव का भी अहसास कराया। राठी का शांत जश्न एक warning की तरह है कि क्रिकेट में भावनाएं भी नियमों के तहत चलती हैं। एक बार का जुर्माना अब एक लंबे समय तक खेल के हर पल को shape दे सकता है।
अब तो जश्न मनाने में भी risk जोखिम है। पहले गेंदबाजी दबाव में होता था, अब जश्न के बाद भी।
राठी ने सही किया, लेकिन क्या हमेशा इतना cautious सावधान रहना पड़ेगा? भावनाएं दबाना भी क्रिकेट का हिस्सा लग रहा है।
गिल की पारी कोई देख रहा है? वह तो consistently लगातार फॉर्म में है।
डिमेरिट पॉइंट सिस्टम अच्छा है। इससे खिलाड़ी accountable जवाबदेह रहते हैं।
प्रसिद्ध कृष्णा का प्रदर्शन देखकर लगा कि वह genuine वास्तविक थ्रेट है।
अब तो बस यही उम्मीद है कि राठी को एक और warning चेतावनी न मिले।