आईपीएल के बाद ये 7 खिलाड़ी टीम इंडिया में बना सकते हैं जगह — क्या नंबर 6 वाकई हैरान कर देगा?
cricket के सबसे बड़े tournaments में से एक के बाद हर बार कुछ नए players राष्ट्रीय टीम के लिए चयन का दावा पेश करते हैं। आईपीएल 2026 ने भी भारतीय team के लिए सात ऐसे नाम उजागर किए हैं, जिनकी आंखों पर चयनकर्ता टिकी हुई हैं। इनमें से कुछ ने performance से दबदबा बनाया, तो कुछ ने अपनी aggressive शैली से दिल जीता। आईपीएल के इस सीजन ने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि भारतीय squad के भविष्य के लिए भी संकेत दिए हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी की है, जिन्होंने अपने left-handed के बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा। 15 साल की उम्र पार करने के बाद वह अब भारतीय टीम के लिए पात्र हो गए हैं। सात मैचों में 254 रन, दो हाफ-सेंचुरी — और वो भी सिर्फ 15 गेंदों में — यही नहीं, स्ट्राइक-रेट 220.86 का रहा। आयुष म्हात्रे ने भी छह मैचों में 201 रन बनाकर impressive छाप छोड़ी, लेकिन चोट ने उनका आईपीएल बाधित कर दिया। फिर भी, उनके बल्लेबाजी औसत 33.50 और स्ट्राइक-रेट 177.87 का रहा।
पंजाब किंग्स के दोनों सलामी बल्लेबाज भी चर्चा में हैं। प्रभसिमरन सिंह ने पांच पारियों में 211 रन बनाए, जिसमें consistency का बोलबाला रहा — बैटिंग औसत 52.75। वहीं, प्रियांश आर्या ने वही रन बनाए, लेकिन स्ट्राइक-रेट 248.23 के साथ explosive अंदाज अपनाया। उनकी aggression चयनकर्ताओं को आकर्षित कर रही है। लखनऊ सुपर जायंट्स के प्रिंस यादव ने सात मैचों में 13 विकेट लेकर pace और accuracy का परिचय दिया। उनका इकॉनमी रेट 8.38 का है — एक बड़ी उपलब्धि।
मुकुल चौधरी ने लखनऊ के लिए निचले क्रम में आक्रामक बल्लेबाजी करके सबका ध्यान खींचा। टीम के कोच जस्टिन लैंगर ने कहा कि वह अगले चार महीनों में भारत के नंबर छह-सात के लिए सर्वश्रेष्ठ दावेदार बन सकते हैं। उन्होंने सात मैचों में 155 रन बनाए। वहीं, सनराइजर्स हैदराबाद के स्पिनर हर्ष दूबे ने भी छह मैचों में 8 विकेट लेकर अपनी potential साबित की। उन्हें पावरप्ले में आजमाया गया, और वह expectations पर खरे उतरे।
आईपीएल हर साल कुछ नए चेहरों को राष्ट्रीय टीम के doorstep तक ले आता है। इस बार वैभव सूर्यवंशी, म्हात्रे और प्रियांश आर्या के जैसे युवा talents सबसे आगे हैं। आयरलैंड दौरे पर इनमें से कई को टीम में शामिल किया जा सकता है। selection के लिए न सिर्फ numbers , बल्कि प्रभाव भी मायने रखता है। और इन खिलाड़ियों ने साबित किया है कि वे दबाव में भी deliver हैं।
वैभव सूर्यवंशी का स्ट्राइक-रेट देखकर लगता है वो टी20 में भारत के लिए धमाल मचा सकते हैं।
मुकुल चौधरी को नंबर 6 पर मौका मिलना चाहिए, वो तो finisher फिनिशर की तरह खेलते हैं।
प्रियांश आर्या का स्ट्राइक-रेट तो बहुत ऊंचा है, लेकिन क्या वो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ऐसा कर पाएंगे?
हर्ष दूबे को पावरप्ले में मौका देना एक bold बहादुर फैसला था, लेकिन उन्होंने साबित किया।
आयुष म्हात्रे चोटिल हैं, लेकिन फिट होते ही उनका चयन तय है।
प्रभसिमरन सिंह का औसत 52.75 है, ये consistency निरंतरता बहुत कम खिलाड़ियों में देखने को मिलती है।
क्या लैंगर सही कह रहे हैं? क्या मुकुल अगले चार महीने में भारत के लिए खेल पाएंगे?
इतने सारे युवा खिलाड़ी, लेकिन क्या चयनकर्ता बुजुर्गों की जगह इन पर trust भरोसा कर पाएंगे?