डिमांड या बगावत? कांग्रेस नेता ने बताया, क्यों कर्नाटक के 30 विधायकों ने दिल्ली में डाला डेरा

कर्नाटक की राजनीति में तेजी से tension बढ़ गई है, जहां लगभग 30 कांग्रेस विधायक दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। इन विधायकों की मांगों को लेकर अटकलें तेज हैं — क्या यह सिर्फ ministerial post की मांग है या फिर सीएम पद के लिए leadership change की मांग? इस बीच, होम मंत्री जी. परमेश्वर ने इसे स्वाभाविक demand बताया है, कहा कि अनुभवी विधायकों को जिम्मेदारी मिलने का right है।

भाजपा ने इसे rebellion के रूप में चित्रित किया है, जबकि कांग्रेस की ओर से इसे मंत्रिमंडल में reshuffle की उम्मीद से जोड़ा गया है। परमेश्वर का कहना है कि कई विधायक तीसरी बार चुने गए हैं और उनमें capability है। उन्होंने कहा, 'इसमें harm क्या है कि वे अपनी claim जताएं?' उनका तर्क है कि cabinet expansion आने वाला है, ऐसे में विधायक अपनी इच्छा स्पष्ट कर रहे हैं।

लेकिन इतने विधायकों का एक साथ दिल्ली जाना सवाल खड़ा करता है। क्या यह सच में सिर्फ post की मांग है या फिर pressure डालने की रणनीति? चर्चा है कि ये विधायक डीके शिवकुमार के समर्थक हैं और वे मुख्यमंत्री पद के लिए उनका समर्थन करना चाहते हैं। इस बीच, सीएम सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने अभी तक कोई public statement नहीं दिया है, जिससे अस्पष्टता और बढ़ गई है।

परमेश्वर ने सीएम पद की मांग को dismiss कर दिया है, लेकिन यह भी स्वीकार किया है कि final decision हाईकमान के हाथ में है। उन्होंने कहा कि सीएम, उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस हाईकमान मिलकर jointly फैसला लेंगे। यह स्पष्ट करता है कि राज्य के भीतर की घटनाएं केंद्रीय नेतृत्व के influence से अछूती नहीं हैं।

टिप्पणियाँ 6

  • दक्षिण_डायरी

    इतने विधायक एक साथ दिल्ली जाएंगे तो pressure तो बनेगा ही। क्या यह सच में cabinet reshuffle के लिए है या किसी बड़े political move का हिस्सा?

  • कर्नाटक_वासी

    अनुभवी विधायकों को मौका मिलना चाहिए, लेकिन इस तरह public demand करना संस्थान के dignity पर सवाल खड़ा करता है।

  • राहुल_अनुयायी

    अगर विधायक राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं, तो शायद वे central leadership पर trust रखते हैं, न कि स्थानीय नेताओं पर।

  • संतुलित_स्वर

    हर बार चुने जाने वाले नेताओं को responsibility मिलनी चाहिए। वो deserve हैं। लेकिन क्या यह timing सही है?

  • तथ्य_खोजी

    सीएम और डिप्टी सीएम ने अभी तक कोई response नहीं दी। क्या यह weakness का संकेत है या सावधानी?

  • राजनीति_थर्डआई

    हाईकमान को फैसला लेना है, लेकिन जब तक वो फैसला लेंगे, राज्य में instability बनी रहेगी। governance कब सुधरेगा?