मदरसों के लिए 600 करोड़, लेकिन उत्तर बंगाल के विकास के लिए फंड नहीं: मोदी ने TMC पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिलीगुड़ी की एक जनसभा में development के मुद्दे पर तीखा attack किया और तृणमूल कांग्रेस सरकार पर उत्तर बंगाल की उपेक्षा करने का accusation लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तरी जिलों के infrastructure और आर्थिक growth के लिए लगातार कम funding आवंटित किए हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में बजट का उपयोग ज्यादा दिखाई देता है।
मोदी ने खास तौर पर madrasa के लिए 600 करोड़ रुपये के बजट का जिक्र किया और कहा कि इतने बड़े amount के बावजूद उत्तर बंगाल के लिए विकास निधि का shortage चिंता की बात है। उन्होंने इसे वोट बैंक राजनीति का हिस्सा बताया और कहा कि सत्तारूढ़ दल केवल चुनावी support के लिए निर्णय लेता है, न कि लंबे समय के planning के आधार पर।
उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए central funds का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा और स्थानीय सिंडिकेट उसे grab लेते हैं। यह corruption राज्य के समग्र progress में बाधा बन रहा है।
मोदी ने भावनात्मक लहजे में कहा कि बंगाल से 'महा जंगलराज' की विदाई तय है और अब change का समय आ गया है। उनके भाषण में उत्तर बंगाल के लोगों के aspirations और neglect की भावना को केंद्र में रखा गया था, जिसे वे राजनीतिक जवाबदेही का मुद्दा बता रहे हैं।
उत्तर बंगाल के लिए funding फंड की कमी सचमुच गंभीर है। सड़कें, स्कूल, अस्पताल — सब कुछ पुराना है। क्या ये development विकास के नाम पर सिर्फ बहाना है?
मदरसों के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित करना गलत नहीं है। लेकिन balance संतुलन कहां है? अगर एक तरफ education शिक्षा को फंड मिले तो दूसरी तरफ बुनियादी infrastructure ढांचा क्यों पीछे रहे?
हर बार चुनाव के समय यही accusation आरोप आते हैं। लेकिन आखिर कोई proof सबूत कब देगा? central funds केंद्रीय निधि के misuse दुरुपयोग की बात करो, तो रिकॉर्ड दिखाओ।
मैं उत्तर बंगाल की रहने वाली हूं। neglect उपेक्षा का एहसास रोज होता है। जैसे हम राज्य के नागरिक न हों। बस एक vote bank वोट बैंक के तौर पर देखे जाते हैं।
मोदी जी ने attack हमला तो किया, लेकिन alternative plan वैकल्पिक योजना क्या है? change बदलाव की बात करो, तो कुछ ठोस proposal प्रस्ताव भी बताओ।
ये सब राजनीति है। मदरसों को फंड देना community समुदाय के अधिकार का हिस्सा है। लेकिन इसे political point राजनीतिक अंक बनाना गलत है।