गेल उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सौर परियोजनाओं में 3,800 करोड़ का करेगी निवेश
सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में solar projects में 3,800 करोड़ रुपये का investment करेगी। इस घोषणा के साथ कंपनी ने अपने clean energy लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है, जिसके तहत 700 मेगावाट की कुल energy capacity स्थापित की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के झांसी में स्थित टीयूएससीओ सोलर पार्क में गेल 600 मेगावाट की solar project विकसित करेगी, जिसमें 550 मेगावाट-घंटे की battery storage प्रणाली भी शामिल होगी। इसका मुख्य उद्देश्य औरैया जिले में स्थित अपने petrochemical plant की बिजली आवश्यकताओं को renewable power से पूरा करना है।
इसके अलावा, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में 100 मेगावाट की solar capacity और 22 मेगावाट-घंटे की storage system स्थापित की जाएगी। यह बिजली रायगढ़ में स्थित पीडीएच-पीपी संयंत्र की जरूरतों को meet के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
गेल की मौजूदा नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 147 मेगावाट है, लेकिन इन नई परियोजनाओं के चालू होने के बाद यह capacity बढ़कर 1,000 मेगावाट से अधिक हो जाएगी। कंपनी का कहना है कि यह strategic move पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा संपत्तियों के balanced mix को बनाए रखने के अनुरूप है।
गेल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक दीपक गुप्ता ने कहा कि यह विस्तार कंपनी के दीर्घकालिक energy security लक्ष्यों के साथ-साथ पर्यावरणीय responsibility को भी ध्यान में रखता है। इस निवेश से न केवल market impact पड़ेगा, बल्कि अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए भी एक उदाहरण साबित हो सकता है।
इतनी बड़ी investment निवेश राशि देखकर अच्छा लगा, लेकिन क्या यह सच में cost-effective लागत-प्रभावी होगा?
गेल का यह decision फैसला वाकई जलवायु crisis संकट के प्रति जिम्मेदारी दिखाता है।
अगर यह project परियोजना समय पर पूरी हो जाए, तो यह market share बाजार हिस्सेदारी में बदलाव ला सकती है।
झांसी में battery storage बैटरी भंडारण की सुविधा होना बहुत बड़ी बात है, यह बिजली की supply आपूर्ति को स्थिर रखेगी।
क्या यह expansion विस्तार सच में profitable लाभदायक होगा, या सिर्फ एक public image जन छवि बनाने की कोशिश है?
नवीकरणीय ऊर्जा में इतना बड़ा shift बदलाव देखकर उम्मीद जगती है।