मार्च में बढ़ी खुदरा महंगाई: 3.21% से बढ़कर 3.4% पर पहुंची, खाद्य और आवास में उलट-फेर
मार्च 2026 में खुदरा महंगाई दर inflation बढ़कर 3.4% हो गई, जो फरवरी में 3.21% थी। यह slight increase उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एक महीने के भीतर यह price pressure बढ़ गया है, जिससे market में चिंता बढ़ रही है।
खाद्य पदार्थों की cost में तेजी आई — मार्च में यह 3.87% रही, जो फरवरी के 3.47% से अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में retail inflation 3.63% रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.11% दर्ज की गई। आवास महंगाई अपेक्षाकृत स्थिर रही, मात्र 2.11%, जो लागत संतुलन का sign है।
हालांकि, कई खाद्य पदार्थों की कीमतों में sharp decline आई। प्याज की कीमतों में साल-दर-साल 27.76% की drop आई, आलू में 18.98% और लहसुन में 10.18% की कमी रही। अरहर और चना जैसी दालों में भी नकारात्मक महंगाई देखी गई, जिससे समग्र खाद्य महंगाई पर control बना रहा।
तेलंगाना में highest inflation 5.83% दर्ज की गई, जबकि छत्तीसगढ़ (1.35%) और दिल्ली (1.86%) में यह काफी कम रही। यह भौगोलिक disparity उपभोक्ता व्यवहार और आपूर्ति श्रृंखला के impact को दर्शाती है।
इस बार के आंकड़े 2024 को आधार वर्ष मानकर जारी किए गए हैं। अब 358 मदों को शामिल किया गया है, जिसमें पहले के 299 के मुकाबले new consumption प्रवृत्तियां जैसे ई-कॉमर्स कीमतें, हवाई किराया और ओटीटी सब्सक्रिप्शन शामिल हैं। यह update आर्थिक नीति निर्माण के लिए अधिक सटीक data की ओर इशारा करता है।
अगले महीने के CPI report की आंखें अप्रैल के आंकड़ों पर टिकी हैं, जिसे 12 मई, 2026 को जारी किया जाएगा। यह decision केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति पर असर डाल सकता है।
खाद्य में गिरावट अच्छी है, लेकिन कोर महंगाई बढ़ रही है — यह चिंता की बात है।
तेलंगाना में 5.83% महंगाई? यह जीवन यापन की लागत असहनीय हो रही है।
ओटीटी सब्सक्रिप्शन अब महंगाई बास्केट का हिस्सा? आधुनिक दुनिया का असर दिख रहा है।
ई-कॉमर्स कीमतों को शामिल करना smart move समझदारी भरा कदम है — यही तो अब हर कोई खरीदता है।
नकारात्मक महंगाई दालों में? मतलब मांग कम है या आपूर्ति ज्यादा। क्या यह बाजार सुधार है या चिंता?
आवास महंगाई सिर्फ 2.11%? फिर भी किराए क्यों नहीं गिर रहे? real cost असली लागत कहां छुपी है?