वैभव का तूफ़ान: जब 36 गेंदों में शतक ने बदल दिया क्रिकेट का खेल
जब वैभव सूर्यवंशी ने शनिवार को हैदराबाद के ख़िलाफ़ सवाई मानसिंह स्टेडियम में बल्लेबाज़ी शुरू की, तो कोई नहीं जानता था कि यह पारी इतिहास बनाने वाली है। लेकिन 37 गेंदों पर 103 रन, 5 चौके और 12 छक्के — यह सिर्फ़ आँकड़े नहीं, बल्कि एक बयानबाज़ी थी। वैभव ने सिर्फ़ 36 गेंदों में शतक लगाकर दिखा दिया कि क्रिकेट में आतिशी बल्लेबाज़ी का मतलब आज क्या है। राजस्थान रॉयल्स हार गई, लेकिन वह जीत गए जो आँखों के सामने खेल देखने वाले थे।
इस आक्रामक पारी के बाद पूरा क्रिकेट जगत हैरान था। सनराइज़र्स हैदराबाद के कप्तान pat कमिंस ने कहा, 'वैभव सूर्यवंशी मेरा नया पसंदीदा खिलाड़ी है।' उनके शॉट्स की ताकत इतनी है कि bowler को हर गेंद सही डालनी पड़ती है — वरना गेंद far उड़ जाएगी। यह एक ऐसी बैटिंग थी जो entertain करती है और challenge भी देती है।
लेकिन यह शानदार प्रदर्शन रातोंरात नहीं आया। वैभव के कोच मनीष ओझा ने बताया कि 2022 में एक एकेडमी मैच में उन्होंने 118 रन बनाए थे, जिसमें सभी छक्के 80-90 मीटर लंबे थे। फिर 2023 में अंडर-19 चैलेंजर ट्रॉफी और अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में उन्होंने form बरकरार रखा। अक्तूबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यूथ टेस्ट में सिर्फ 58 गेंदों में शतक लगाकर उन्होंने अपनी पहचान स्थापित कर ली।
इसी यात्रा का चरमोत्कर्ष था 28 अप्रैल 2025 का वह दिन जब सिर्फ 35 गेंदों में शतक लगाकर वे आईपीएल इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले बल्लेबाज़ बने। उनके निवेश पर 1.10 करोड़ रुपये के निवेश को investment सही साबित हुआ। मनीष ओझा का सपना है कि वैभव एक दिन sachin और virat जैसे बनें — न सिर्फ रन बनाएं, बल्कि देश और बिहार का pride भी बढ़ाएं।
वैभव की बल्लेबाज़ी ने केवल फैंस को नहीं, बल्कि पूरे क्रिकेट समुदाय को झकझोर दिया। पूर्व खिलाड़ी आर अश्विन ने कहा कि उनका पूरा परिवार वैभव का फैन है। उनके family के सदस्य उनके excited होने के अंदाज़ को पसंद करते हैं। हरभजन सिंह ने कहा कि इतने कम समय में इतना रुतबा पाना बहुत बड़ी बात है। और सबा करीम ने उनके नाम के आगे एक उपनाम सुझाया: 'वैभव record-breaking सूर्यवंशी'।
35 गेंदों में शतक? ये तो लगता है कोई वीडियो गेम खेल रहा हो!
आजकल के खिलाड़ी छक्के मारने में तो माहिर हैं, लेकिन क्या वो लंबे समय तक consistency लगातार प्रदर्शन कर पाएंगे?
मैंने तो उस शॉट को देखा जहां गेंद स्टेडियम से बाहर चली गई। लगा जैसे गुरुत्वाकर्षण ने छुट्टी ले ली हो!
आश्विन की मां की तरह मेरा भी दिल वैभव के जश्न मनाने के style अंदाज़ पर आ गया। वो बच्चा इतना प्यारा कैसे हो सकता है?
सनराइज़र्स ने तो मैच जीत लिया, लेकिन दिल तो वैभव के नाम हो गया।
क्या आप जानते हैं कि उनके छक्के 80-90 मीटर लंबे थे? ये कोई मामूली distance दूरी नहीं है।
हमारे समय तो बच्चे गली में गेंद ढूंढते थे, वैभव तो गेंद को नए ज़माने में भेज देता है।
एक बिहारी लड़का जो रन बनाकर देश का नाम रोशन कर रहा है — इससे बड़ा honor सम्मान और क्या हो सकता है?