ललित मोदी भी हो गए वैभव सूर्यवंशी के प्रशंसक, बोले- यह मुमकिन नहीं है कि यह बच्चा 14 साल का हो
आईपीएल 2026 के मैदान में एक 14 साल के लड़के ने ऐसी छाप छोड़ी है कि अब पूरा क्रिकेट जगत उसके नाम के पीछे दौड़ रहा है। young talent वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले 5 मैचों में ही 200 रन बनाकर दिखा दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। strike rate 263.16 के साथ दो अर्धशतक जड़कर उसने न सिर्फ गेंदबाजों को चकमा दिया, बल्कि दिग्गजों का भी attention खींच लिया।
इन्हीं दिग्गजों में आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी भी शामिल हो गए हैं। एक पॉडकास्ट में माइकल वॉन के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा, "this kid भविष्य में भारतीय क्रिकेट का नया चेहरा होगा।" उनका reaction इतनी जोशीली थी कि वे विश्वास नहीं कर पा रहे थे कि वैभव महज 14 साल का है। "मैंने उसे हिट करते देखा और सोचा — यह मुमकिन नहीं है! क्या यह सच है या कोई इसे बना रहा है?" ललित ने बताया कि वे गूगल पर सर्च करने लगे और लोगों को पुष्टि के लिए बुलाने लगे।
ललित मोदी ने न सिर्फ वैभव की तारीफ की, बल्कि उस तरह के युवा खिलाड़ियों की management को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि IPL ने कई monster बनाए हैं — खिलाड़ी जो शुरुआत में चमके लेकिन बाद में लय खो बैठे। "अगला सफर यह होगा कि हम उन्हें कैसे तैयार करते हैं। यह सिर्फ अगली घड़ी या फरारी के बारे में नहीं होना चाहिए," उन्होंने कहा।
इस बीच, ललित ने T20 लीग्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच टेस्ट क्रिकेट को बचाने का आह्वान भी किया। उनका मानना है कि वनडे अब useless हो गए हैं, क्योंकि T20 छोटे और तेज फॉर्मेट में भीड़ को जोड़ लेता है। "अब यह पैसे के बारे में नहीं, बल्कि loyalty के बारे में है," उन्होंने कहा। वैभव जैसे खिलाड़ियों के उदय ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या टेस्ट क्रिकेट आने वाली पीढ़ियों के लिए अभी भी प्रासंगिक रहेगा।
वैभव सूर्यवंशी के उदय ने न सिर्फ फैंस को हैरान किया है, बल्कि क्रिकेट प्रशासन को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। जब एक 14 साल का बच्चा मैदान पर ऐसी performance दिखा रहा है, तो सवाल उठता है — क्या हम उनकी potential को सही दिशा दे पा रहे हैं? ललित मोदी का जोश शायद सिर्फ एक अलगाव की भावना नहीं है, बल्कि एक आगाह करने वाली आवाज भी हो सकती है।
14 साल की उम्र में ये परफॉर्मेंस? ये next level अगले स्तर की बात है।
मैंने भी उसका मैच देखा। बल्ला उठाते ही लगता है जैसे कोई 10 साल का अनुभवी खेल रहा हो। ललित मोदी सही कह रहे हैं — confidence आत्मविश्वास उसके चेहरे पर है।
हर कोई इसकी तारीफ कर रहा है, लेकिन कोई पूछ रहा है कि इसकी training ट्रेनिंग कैसे हो रही है? इतनी छोटी उम्र में इतना दबाव?
ललित मोदी ने बिल्कुल सही कहा — IPL ने कई मॉन्स्टर बनाए हैं। अब वक्त आ गया है कि हम real talent असली प्रतिभा को संभालें।
टेस्ट क्रिकेट बचाने की बात अच्छी है, लेकिन क्या आज के बच्चे उसमें interest रुचि रखेंगे? वो तो सिर्फ छक्के देखना चाहते हैं।
मेरे बेटे भी 14 के हैं। ये बच्चा जो कर रहा है, वो हैरान कर देने वाला है। लेकिन क्या इतनी जल्दी शोहरत सच में healthy स्वस्थ है?