कोहली ने दिल्ली में बच्चों को सिखाया: सपने देखो, ईमानदार रहो, फोकस रखो

दिल्ली के cricket एक्सट्रा टाइम में धुल उड़ा दी गई थी, लेकिन असली मैच उसके अगले दिन हुआ — जब विराट कोहली ने डीपीएस, आरके पुरम के मैदान में कदम रखा। आरसीबी की 9 विकेट से जीत ने दिल्ली की टीम को महज 75 रन पर सिमटा दिया था, लेकिन उससे ज्यादा बोलने वाली थी एक अलग तरह की victory — जिसमें बच्चों के दिलों में सपने बोए गए। कोहली ने एकेडमी के उद्घाटन के बाद कहा, thank , मुझे बुलाने के लिए। लेकिन यह धन्यवाद उनके अपने बचपन के उस दौर को भी समर्पित था, जब वे खुद एक ऐसे बच्चे थे जो dream को पकड़े हुए थे।

उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने school के माहौल का आदर करें — जहां न सिर्फ ज्ञान मिलता है, बल्कि इंसान बनते हैं। teacher की भूमिका को उन्होंने 'अहम' बताया, क्योंकि वे गाइड करते हैं। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे honest रहें — न सिर्फ दूसरों के साथ, बल्कि अपने आप के साथ भी। कोहली ने कहा, aware रहें, और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें।

उनकी बातों में एक साफ नक्शा छिपा था — जो उन्होंने 8 साल की उम्र में practice शुरू कर दी थी। वह जानते थे कि क्रिकेट उनका रास्ता है। career के तौर पर चुने जाने के बाद उनकी प्राथमिकताएं बदल गईं, focus तंग हो गया। आज भी वे जब भी समय पाते हैं, अकादमी जाते हैं। क्रिकेट सिर्फ एक game नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी है।

उन्होंने बच्चों को यह भी बताया कि कोई भी उन्हें नहीं बता सकता कि वे कितने कमिटेड हैं — सिर्फ वे खुद जानते हैं। अगर वे अपने एम्बिशन के प्रति सच्चे हैं, तो रास्ता खुद-ब-खुद बन जाता है। उन्होंने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि यहां आने वाले हर बच्चे को क्रिकेट की असली value का एहसास हो। यह सिर्फ बल्ला-गेंद नहीं, बल्कि life जीने का तरीका है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • बचपन_का_दिन

    मैंने भी 8 साल की उम्र में बल्ला उठाया था, लेकिन फिर समय निकालना मुश्किल हो गया। कोहली की निष्ठा सचमुच प्रेरणादायक है।

  • टीचर_माँ

    बच्चों को शिक्षकों का सम्मान करना सिखाना जरूरी है। आजकल बहुत कम ऐसे अभिभावक हैं जो respect की अहमियत समझते हैं।

  • स्कोर_कार्ड_वाला

    दिल्ली का 75 रन? वो भी आईपीएल में? ये तो embarrassing है। कोहली के संदेश अच्छे थे, लेकिन टीम को तो फौरन ठीक करने की जरूरत है।

  • मैदान_की_मिट्टी

    जब भी कोहली अकादमी जाते हैं, तो वो सिर्फ training नहीं कर रहे होते — वो अपने आप को फिर से जोड़ रहे होते हैं।

  • आरके_पुरम_वाला

    मैं उसी स्कूल में पढ़ता था। आज कोहली को वहां देखकर लगा जैसे एक सपना सच हो गया।

  • रन_मशीन

    क्रिकेट मेरा जीवन है — ये वाक्य सिर्फ कोहली के लिए नहीं, हर उस खिलाड़ी के लिए सच है जो इसे जुनून समझता है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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