बाजार में तनाव के बीच Vodafone Idea और Suzlon में भारी लेन-देन, निवेशकों में चिंता
आज के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में market में भारी उथल-पुथल देखी गई, जहां global uncertainty के बीच investors के बीच panic फैल गया। निफ्टी 50 इंडेक्स में 2% की गहरी गिरावट आई और यह 23,555 के स्तर तक लुढ़क गया। इस गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में नौसैनिक tension और oil supply को लेकर डर को जिम्मेदार माना जा रहा है। व्यापारियों को डर है कि आपूर्ति बाधित होने से महंगाई बढ़ सकती है, जिसका असर ग्लोबल economy पर पड़ेगा।
इस चौतरफा बिकवाली के बावजूद कुछ शेयरों में असामान्य रूप से ऊंचा trading volume देखा गया। वोडाफोन आइडिया ने आज 27 करोड़ से अधिक शेयरों के साथ सबसे ज्यादा वॉल्यूम दर्ज किया। खास बात यह है कि इसके बावजूद यह शेयर लगभग 1% ऊपर कारोबार कर रहा था, जो market sentiment के विपरीत था। इसी तरह सुजलॉन एनर्जी में भी 9 करोड़ से अधिक शेयरों का कारोबार हुआ और यह 2% से अधिक की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था। कंपनी ने एम्प्लॉई स्टॉक ओनरशिप प्लान (ESOP) के तहत 6.5 लाख शेयर आवंटित करने की घोषणा की, जो investor confidence में उछाल का कारण बनी।
दूसरी ओर, ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में 8% की भारी गिरावट आई, लेकिन इसमें भी 24 करोड़ शेयरों का व्यापार हुआ, जो दर्शाता है कि निवेशक तेजी से position बदल रहे हैं। फिलाटेक्स फैशन्स में 11 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ और यह अपर सर्किट पर पहुंच गया, अप्रैल में लगातार तेजी के साथ 57% का रिटर्न दे चुका है। जयप्रकाश पावर वेंचर्स में भी 9 करोड़ से अधिक शेयरों का turnover रहा और शेयर 3% ऊपर चला गया। NCLAT में जयप्रकाश एसोसिएट्स के दिवालिया मामले में वेदांता की अपील पर सुनवाई चल रही है, जो निवेशकों के लिए update के रूप में महत्वपूर्ण है।
इन सभी घटनाओं ने छोटे और बड़े निवेशकों के बीच concern बढ़ा दी है। म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाले लाखों छोटे निवेशकों के पोर्टफोलियो में भारी उतार-चढ़ाव आ रहा है। बैंकिंग, ऑटो, FMCG और IT जैसे बड़े क्षेत्रों के शेयर 1% से अधिक टूटे। विशेष रूप से मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों पर असर गहरा है, जो 2% से अधिक गिरे। ऐसे में, अधिक volatility की उम्मीद है, जब तक कि ग्लोबल राजनीतिक tension में कमी नहीं आती।
इस तरह के माहौल में, उन शेयरों पर नजर बनाए रखना जरूरी है जो बाजार के रुख के बावजूद मजबूत performance दिखा रहे हैं। वोडाफोन आइडिया और सुजलॉन जैसी कंपनियों में ऊंचा वॉल्यूम और सकारात्मक कीमत चाल निवेशकों के लिए opportunity और risk दोनों हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अल्पकालिक trend में भाग लेने से पहले गहन analysis जरूरी है।
वोडाफोन आइडिया में इतना ज्यादा वॉल्यूम आना हैरान करने वाला है। क्या यह short covering शॉर्ट स्क्वीज़ है या कोई बड़ी institutional buying संस्थागत खरीदारी?
ओला इलेक्ट्रिक में 8% गिरावट के बावजूद इतना वॉल्यूम? ये दिखा रहा है कि लोग जल्दी से exit बाहर निकल रहे हैं। बहुत panic दबाव है।
सुजलॉन के ESOP के ऐलान से morale मनोबल पर असर पड़ा है। लेकिन क्या यह टिकाऊ rally रैली होगी या सिर्फ एक short-term bounce अल्पकालिक उछाल?
इतने सारे छोटे निवेशक डरे हुए हैं। मेरे पास भी कुछ मिड-कैप फंड हैं। क्या अब withdraw निकाल लूं या hold होल्ड करूं?
हर कोई ग्लोबल तनाव की बात कर रहा है, लेकिन भारत की असली समस्या घरेलू तरलता की कमी है। क्या RBI इस पर action कार्रवाई करेगा?
फिलाटेक्स फैशन्स जैसे स्टॉक्स में अपर सर्किट लगना दिखा रहा है कि कुछ निवेशक अभी भी risk appetite जोखिम लेने को तैयार हैं। ये विपरीत दिशा का कदम है।