विश्वकप में कहर बरपाने वाले बुमराह आईपीएल में क्यों विकेटहीन?
टी20 विश्वकप 2026 के फाइनल में जसप्रीत बुमराह ने ऐसा प्रदर्शन किया था जैसे वह इतिहास रचने आए हों। सिर्फ 15 रन देकर चार विकेट झटककर उन्होंने न्यूजीलैंड की पारी को तोड़ दिया। उस मैच में उनकी bowling performance इतना घातक था कि टीम इंडिया ने आसानी से तीसरी बार ट्रॉफी अपने नाम कर ली। भारत ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जीत दर्ज करके न सिर्फ देशभर में जश्न मनाया, बल्कि बुमराह को फिर से विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज के तौर पर स्थापित कर दिया।
लेकिन सिर्फ 20 दिन बाद आईपीएल 2026 में बुमराह का जादू गायब हो गया। मुंबई इंडियंस के लिए अब तक चार मैच खेल चुके बुमराह अभी तक एक भी विकेट नहीं ले पाए हैं। 100 से ज्यादा रन खर्च करने के बाद भी उनका खाता खाली है। कोलकाता नाइट राइडर्स, दिल्ली कैपिटल्स, राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ लगातार चार मैचों में विकेटहीन रहना एक rare form है, जो उनके आईसीसी टूर्नामेंट के शानदार अभियान के साथ तीखा विरोधाभास पेश करता है।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि विश्वकप और आईपीएल दोनों भारत में खेले जा रहे हैं, तो स्थिति, पिच की conditions और मौसम जैसे कारक उनके खिलाफ नहीं हो सकते। विश्वकप में बुमराह ने 8 मैचों में 14 विकेट लिए थे, और सिर्फ जिम्बाब्वे के खिलाफ एकमात्र मैच में विकेट नहीं मिला था। इसके विपरीत, आईपीएल में तमाम बल्लेबाजों ने उनकी गेंदबाजी को आसानी से खेल लिया है।
फैंस और विश्लेषक pressure के बारे में सवाल उठा रहे हैं। क्या आईपीएल के दबाव में उनकी लय बिगड़ी है? क्या मुंबई इंडियंस की टीम उन्हें सही रणनीति के साथ उपयोग कर रही है? या फिर यह सिर्फ एक छोटी सी लय की कमी है? बुमराह पहले भी ऐसी स्थितियों से उबर चुके हैं, लेकिन इस बार उनके प्रदर्शन का अंतर इतना चौंकाने वाला है कि सवाल खुद-ब-खुद पैदा होते हैं।
मुंबई इंडियंस ने 2015 में भी शुरुआत खराब की थी, लेकिन फिर प्लेऑफ में पहुंचकर खिताब जीत लिया था। ऐतिहासिक उदाहरण आशा दिलाते हैं, लेकिन बुमराह के मामले में समय बहुत तेजी से बीत रहा है। अगर वह जल्द से जल्द अपनी form वापस नहीं लाए, तो टीम के लिए यह खतरनाक हो सकता है। एक ऐसे गेंदबाज पर जिसने विश्वकप में कहर बरपाया, आईपीएल में विकेट के लिए तरसना — यह न सिर्फ टीम के लिए चिंता की बात है, बल्कि प्रशंसकों के लिए भी एक strange twist है।
आईपीएल में बल्लेबाज तेज गेंदबाजों के खिलाफ बहुत आक्रामक खेल रहे हैं। pressure दबाव बढ़ गया है, लेकिन बुमराह को इससे निपटना आता है।
एक सीजन में कभी-कभी ऐसा होता है। लेकिन जो विश्वकप में चार विकेट ले सकता है, वह यहां भी लय में वापस आएगा। form फॉर्म आने में समय लगता है।
टीम उन्हें मिडिल ओवर में क्यों डाल रही है? उनकी ताकत पावरप्ले और डेथ ओवर में है। यह एक strategic mistake रणनीतिक गलती है।
भाई, आईपीएल में हर टीम बुमराह के खिलाफ रिसर्च करके आती है। उनके खिलाफ नेट्स में प्रैक्टिस होती है। विश्वकप में तो वह सरप्राइज फैक्टर थे।
क्या चोट का असर हो सकता है? ऐसा नहीं लगता, लेकिन injury concern चोट की चिंता तो है। वह पहले भी चोटिल रहे हैं।
फैंस इतना घबराते क्यों हैं? एक गेंदबाज की performance प्रदर्शन कभी ऊपर, कभी नीचे होती है। अभी तो सीजन शुरू हुआ है।