क्या फिर से कप्तान बनेंगे बाबर? PSL फाइनल से पहले बड़ा सवाल
क्या कप्तानी का ताज फिर से बाबर आजम के सिर पर होगा? जब वह पाकिस्तान सुपर लीग के final के मैदान पर कदम रखेंगे, तो यह सवाल उनके दिमाग में भी होगा। team की कमान संभालने के बारे में बाबर ने स्पष्ट कहा—जो पाकिस्तान क्रिकेट के लिए सही होगा, वह तैयार हैं। वर्तमान में, उनका फोकस पेशावर जाल्मी के साथ tournament जीतने पर है, लेकिन भविष्य की संभावनाएं भी खुली हैं। बाबर की बल्लेबाजी ने इस सीजन सबका ध्यान खींचा है। उन्होंने शतक जड़कर और run बरसाकर साबित किया है कि वह अभी भी शीर्ष स्तर पर खेलने की क्षमता रखते हैं।
पेशावर जाल्मी के कप्तान के तौर पर बाबर ने अब तक 10 मैचों में 588 run बनाए हैं—एक season में पीएसएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। दो शतक और कई अर्धशतकों ने उनके फॉर्म की गवाही दी है। उनकी कप्तानी में टीम ने champion बनने का लक्ष्य हासिल किया है। अगर वे हैदराबाद किंग्समेन के खिलाफ जीत दर्ज करते हैं, तो यह उनका दूसरा title होगा, पहला कराची किंग्स के साथ 6 साल पहले था।
फिर भी, कप्तानी की यात्रा सीधी नहीं रही। बाबर ने 2019 में पाकिस्तान की टी20 टीम की कप्तानी संभाली, बाद में वनडे और टेस्ट में भी कप्तान बने। लेकिन 2023 में वनडे विश्व कप में टीम के बाहर होने के बाद उन्हें पद से हटना पड़ा। कुछ महीनों बाद वापसी हुई, लेकिन टी20 विश्व कप 2024 में ग्रुप स्टेज में बाहर होने के बाद उन्होंने फिर से resign दे दिया। अब सवाल यह है कि क्या बोर्ड उन पर फिर से trust करेगा?
इस बीच, उनकी फिटनेस पर उठे सवाल भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चिकित्सा पैनल ने संदेह जताया कि टी20 विश्व कप के दौरान बाबर शत प्रतिशत fit नहीं थे। डॉ. जावेद मुगल, जो ब्रिटेन से आए चिकित्सा सलाहकार हैं, ने उनकी जांच के बाद चिंताएं जताई थीं। बाबर ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप से पीछे हटते हुए चोट का हवाला दिया था। ऐसे में, बोर्ड ने इस मामले की जांच की घोषणा की है। क्या फिटनेस के मुद्दे उनकी कप्तानी की वापसी में बाधा बनेंगे?
पीएसएल का फाइनल न सिर्फ एक match है, बल्कि यह बाबर के करियर का एक निर्णायक मोड़ भी हो सकता है। क्या वह एक बार फिर राष्ट्रीय टीम की कमान संभालने के लिए तैयार हैं? क्या बोर्ड उनके प्रदर्शन और फिटनेस दोनों पर भरोसा कर पाएगा? बाबर कहते हैं कि वह पाकिस्तान क्रिकेट के हित में जो भी होगा, स्वीकार करेंगे। लेकिन क्रिकेट प्रशंसकों के लिए, इस फाइनल से ज्यादा मायने रखता है—क्या वह फिर से उस ऊंचाई पर खड़े होंगे, जहां एक कप्तान नहीं, बल्कि एक leader होता है?
बाबर अगर फिट रहें, तो टीम को फिर से लीड कर सकते हैं। लेकिन फिटनेस पर सवाल गंभीर हैं। फिटनेस के बिना कप्तानी नहीं चलती।
क्या PSL में कप्तानी का अनुभव उन्हें राष्ट्रीय टीम में वापसी दिला पाएगा?
बोर्ड को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। अगर विश्व कप के दौरान फिट नहीं थे, तो चयन कैसे हुआ? चोट के बावजूद खेलना खतरनाक हो सकता है।
बाबर के बल्ले से रन आ रहे हैं, यही मायने रखता है। form फॉर्म अच्छा है, तो मौका मिलना चाहिए।
एक बार इस्तीफा देने के बाद फिर कप्तानी मांगना ठीक नहीं। क्या यह निर्णय टीम के हित में है?
फाइनल में जीत उनके लिए बड़ा संदेश होगा। जीतो और साबित करो कि तुम अभी भी सबसे बड़े player खिलाड़ी हो।
क्या बोर्ड वाकई में बाबर को फिर से चुनेगा, या यह सिर्फ मीडिया के लिए बयान है?
उनकी कप्तानी में टीम को स्थिरता मिलती थी। अगर वह वापस आएं, तो युवाओं को guidance मार्गदर्शन मिलेगा।