क्या सीबकथॉर्न जूस हार्ट अटैक से बचा सकता है? डॉक्टर्स ने बताया पूरा सच
सोशल मीडिया पर एक नारंगी रंग का जूस अचानक heart attack से protection का दावा करते हुए छा गया है। इस जूस का नाम है सीबकथॉर्न जूस, जिसे हिमालयन बेरी भी कहा जाता है। शार्क टैंक इंडिया में इसके निर्माता के आने के बाद से इसकी लोकप्रियता में तेजी आई। लोग पूछ रहे हैं: क्या यह वाकई दिल के लिए इतना फायदेमंद है? क्या यह real risk कम कर सकता है?
आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. अर्जुन राज कहते हैं कि सीबकथॉर्न एक powerful antioxidant है और इसमें ओमेगा 3, 6, 7 और 9 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होते हैं। आयुर्वेद में इसे superfood के रूप में देखा जाता है, जो immune system को मजबूत कर सकता है। इसमें आंवले से भी ज्यादा विटामिन सी होता है, जो संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकता है।
लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव सिंघल साफ करते हैं: medical evidence अभी तक यह नहीं दिखाते कि यह हार्ट अटैक से direct protection दे सकता है। ओमेगा 7 के कारण यह LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) को कम और HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ा सकता है, जो heart health के लिए अच्छा है। लेकिन यह दवा का विकल्प नहीं है।
सामान्य चिकित्सक डॉ. अमनदीप अग्रवाल कहते हैं कि यह जूस स्वास्थ्य के लिए support हो सकता है, लेकिन इलाज का replacement नहीं। यह खून पतला नहीं करता और न ही उच्च रक्तचाप के लिए विश्वसनीय उपचार है। गर्भवती महिलाओं, हृदय रोगी मरीजों और खून पतला करने वाली दवाएं लेने वालों को इसका सेवन करने से पहले doctor's advice लेनी चाहिए।
इस जूस को गुनगुने पानी के साथ मिलाकर सुबह खाली पेट लेना सबसे उपयुक्त माना जाता है। लेकिन गुणवत्ता का बहुत असर होता है। खरीदते समय उत्पाद के प्रमाणन और घटकों की जांच जरूर करें। आयुर्वेदिक डॉक्टरों की चेतावनी है: बिना पानी मिलाए सीधे पीने से side effects हो सकते हैं। किसी भी स्थिति में, स्वास्थ्य जोखिम को कम करने के लिए संतुलित आहार और नियमित lifestyle सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
ये जूस तो अब हर किसी के फ्रिज में है, लेकिन क्या असल में ये heart disease हृदय रोग के खतरे को कम करता है?
मैंने भी शुरू किया था, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि ये supplement पूरक है, दवा नहीं।
इतने बड़े दावे करने से पहले कम से कम क्लिनिकल परीक्षण तो होने चाहिए।
हमारे आयुर्वेद में तो इसे natural remedy प्राकृतिक उपचार के रूप में मान्यता है।
अगर ये इतना अच्छा है, तो hospital अस्पताल क्यों जाना पड़ता है?
सोशल मीडिया पर ऐसे दावे बहुत तेजी से फैलते हैं। public trust जन भरोसा का फायदा मत उठाओ।