आजिंक्य रहाणे ने जीरो पर आउट होने का बना लिया नया रिकॉर्ड
कोलकाता नाइटराइडर्स के the captain आजिंक्य रहाणे का आईपीएल में ओपनिंग बैटिंग का record अब चिंता का विषय बन गया है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में वे सिर्फ दूसरी गेंद पर ही out हो गए, जिसके बाद उनके खाते में जीरो रन दर्ज हुए। नांद्रे बर्गर की गेंद पर विकेटकीपर ध्रुव जुरेल ने उनका catch लेकर शुरुआती विकेट गिराया।
इस आउट होने के साथ ही रहाणे ने एक अनचाहा milestone हासिल कर लिया। वे आईपीएल में ओपनर के तौर पर most times जीरो पर आउट होने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। यह उनकी 12वीं बार है जब वे बिना रन बनाए पवेलियन लौटे, जिससे उन्होंने पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल के 11 बार के record को पीछे छोड़ दिया।
इस शर्मनाक उपलब्धि के बावजूद, टीम के लिए performance का दबाव अब और बढ़ गया है। रहाणे के तेजी से आउट होने का मतलब है कि टीम की बल्लेबाजी order लगातार अस्थिर रह रही है। एक कप्तान के तौर पर इस तरह के आंकड़े फैंस के बीच concern पैदा कर रहे हैं।
इस सूची में शिखर धवन और गौतम गंभीर भी 10-10 बार जीरो पर आउट होकर शामिल हैं, जबकि डेविड वॉर्नर 9 बार के साथ पांचवें स्थान पर हैं। यह दिखाता है कि यह समस्या सिर्फ रहाणे तक सीमित नहीं है, लेकिन एक captain के तौर पर उनकी form पर सवाल उठना लाजिमी है। क्या वे इस दबाव को समझते हैं और अपनी तकनीक में adjustment कर पाएंगे, यह आगे के मैचों में साफ होगा।
12 बार जीरो पर? ये कोई record रिकॉर्ड नहीं, बल्कि लगातार विफलता का सबूत है।
कप्तान होने के नाते इतनी जल्दी आउट होना pressure दबाव डालता है पूरी टीम पर।
बर्गर ने तो सिर्फ दूसरी गेंद पर कैच दिलाया, लेकिन रहाणे की technique तकनीक में गड़बड़ी साफ दिखी।
गंभीर भी 10 बार आउट हुए, लेकिन उस समय कोई analysis विश्लेषण नहीं हुआ था।
शर्मनाक है, लेकिन अगले मैच में बड़ी पारी खेलकर सब कुछ बदल सकता है। form फॉर्म तो कभी भी वापस आ सकती है।
ध्रुव जुरेल ने फिर से अपनी gloves ग्लव्स में तेजी दिखाई। ये कैच बहुत जल्दी आया।
क्या कोच और टीम मैनेजमेंट वाकई concerned चिंतित हैं या सिर्फ चुपचाप बर्दाश्त कर रहे हैं?
जीरो पर आउट होना बुरा है, लेकिन क्या pitch पिच भी इसमें कोई भूमिका निभा रही है?