दिल्ली में राहत के दिन खत्म, अब सूरज दिखाएगा तेवर; तीन दिन के लिए 'लू' का अलर्ट

दिल्ली के लिए relief के दिन अब खत्म हो गए हैं। आसमान साफ होने के बाद तेज sun ने अपना intensity दिखाना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए 'लू' को लेकर yellow alert जारी की है, जिसमें कई जगहों पर तेज गर्म हवाएं चलने की उम्मीद है। यह forecast ऐसे समय आया है जब पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो normal से 3.3 डिग्री अधिक है।

गर्मी के साथ-साथ air quality भी चिंता का विषय बनी हुई है। शनिवार को वर्षा के बाद एक्यूआई मध्यम श्रेणी में आ गया था, लेकिन रविवार को यह फिर से deteriorated हो गया। सीपीसीबी के अनुसार, राजधानी का औसत एक्यूआई 258 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। कुछ क्षेत्रों में स्थिति और भी severe है: वजीरपुर में एक्यूआई 379 तक पहुंच गया।

आनंद विहार (365), रोहिणी (347), और जहांगीरपुर (326) भी अत्यधिक polluted सूची में शामिल हैं। स्थानीय निवासी अब दिन के समय घरों से बाहर निकलने में hesitation महसूस कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों के लिए घरों में रहने की advice दी है।

मौसम विभाग ने कहा कि बुधवार से कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन यह तापमान में उल्लेखनीय drop नहीं ला पाएंगे। लू के चलने के कारण स्थिति और worsen हो सकती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अत्यधिक धूप में निकलने से बचें और hydration पर विशेष ध्यान दें।

प्रतिक्रियाएँ 7

  • दिल्लीवाला

    कल दोपहर बाहर निकला तो heat ने घेर लिया। ऐसे में लू का अलर्ट तो बस औपचारिकता है।

  • नीरा

    बच्चे के डॉक्टर ने कहा — इस weather में पार्क में खेलने न ले जाएं। प्रदूषण और गर्मी दोनों खतरनाक हैं।

  • राजीव_28

    सरकार हर बार अलर्ट जारी करती है, लेकिन action कहां है? कोई बस स्टॉप पर छाता तक नहीं लगाया गया।

  • हवा_साफ़

    एक्यूआई 379? ये तो जहर बरस रहा है। क्या authorities खुद बाहर निकलते हैं इसमें?

  • मौ_विज्ञानी

    पीली चेतावनी सिर्फ एक warning है। ये मतलब है कि स्थिति जल्द गंभीर हो सकती है।

  • प्रियंका मिश्रा

    मैंने आज सुबह पानी की bottle के साथ नोटिस चिपकाया — बाहर निकलो, तो जलयोजन याद रखो। छोटी कोशिश, लेकिन जरूरी।

  • सत्यम

    तापमान बढ़ रहा है, प्रदूषण बढ़ रहा है, और response शून्य। क्या हमें बचने के लिए खुद पर छाता लेना पड़ेगा?

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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