नासा के वॉयजर 2 ने बंद किए कैमरे: 36 साल बाद आई आखिरी तस्वीर के पीछे की कहानी

36 साल बाद, नासा ने एक ऐतिहासिक image दोबारा साझा की है, जो उस पल को दर्शाती है जब वॉयजर 2 ने अपने cameras को सौर मंडल के बाहरी छोर से हमेशा के लिए turned off कर दिया था। यह last photo 28 अगस्त, 1989 को ली गई थी, जब अंतरिक्ष यान पृथ्वी से 4.7 अरब किलोमीटर से भी अधिक distance पर था।

इस तस्वीर में बाईं ओर नेपच्यून और दाईं ओर उसका विशाल moon ट्राइटन दिखाई दे रहा था। दोनों bodies के सूर्य की ओर वाले भाग यान से दूर थे, जिससे दृश्य धीरे-धीरे darkness में faded होता गया। यह क्षण न केवल एक scientific मोड़ था, बल्कि एक भावनात्मक विदाई भी थी।

नासा ने decision लिया कि अंतरिक्ष यान की सीमित power supply को बचाने के लिए ऑप्टिकल cameras बंद कर दिए जाएँ। इससे वॉयजर 2 अन्य instruments के माध्यम से data भेजना जारी रख सका। दूरी बढ़ने के साथ energy कम होती जा रही थी, इसलिए यह एक आवश्यक step था।

1977 में लॉन्च हुए वॉयजर 2 ने चारों बाहरी ग्रहों — बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून — का grand tour पूरा किया। यह अब तक का एकमात्र अंतरिक्ष यान है जिसने यह उपलब्धि हासिल की है। इसके द्वारा ली गई close-up images ने हमारी सौर मंडल की understanding को बदल दिया।

इसका जुड़वां यान, वॉयजर 1, सौर मंडल छोड़ने से पहले केवल बृहस्पति और शनि के पास से गुज़रा। वॉयजर 2 का यह legacy न केवल exploration की ऊँचाइयों को दर्शाता है, बल्कि मानव curiosity और सहनशीलता की सीमा को भी।

टिप्पणियाँ 6

  • तारोंमेंखोज

    इतनी दूरी पर भी data भेजना अभी भी काम कर रहा है? वैज्ञानिकों ने सचमुच कमाल कर दिखाया।

  • सूरजकारास्ता

    कैमरे बंद करने का decision समझ में आता है, लेकिन आखिरी तस्वीर देखकर दिल भारी हो गया।

  • ग्रहरहस्य

    ट्राइटन अभी भी एक mystery है। काश वॉयजर 2 थोड़ा और रुका होता।

  • विज्ञानप्रेमी

    ऊर्जा कम होने के बावजूद यान काम कर रहा है? यह engineering का चमत्कार है।

  • नासाकीआवाज़

    वॉयजर 1 और 2 के बीच का अंतर कई लोगों को नहीं पता। अच्छा हुआ इस पर स्पष्टीकरण आया।

  • अंधकारमेंप्रकाश

    अंधकार में विलीन होती तस्वीर... यह प्रतीकात्मक लगता है। जैसे विज्ञान अज्ञात में कदम रख रहा हो।