सीएम सम्राट चौधरी का नाम लेकर तेज प्रताप यादव ने दिया बड़ा बयान, 'हमने लगातार कहा है कि…'
बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधे लक्ष्य में लेते हुए कहा है कि the promise सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि चौधरी ने job creation को लेकर जो बात की है, उसे धरातल पर उतारा जाना चाहिए। employment के बिना युवा पीढ़ी नशे और पलायन के जाल में फंस रही है, जिससे बचने के लिए एक आर्थिक आधार जरूरी है।
तेज प्रताप ने जोर देकर कहा कि the youth को काम मिलना चाहिए, खासकर महिलाओं को, ताकि वे कमा सकें और घर चला सकें। उनका मानना है कि जब तक economic dignity नहीं मिलेगी, तब तक बेरोजगारी की समस्या बनी रहेगी। उन्होंने कहा, "हमने लगातार कहा है कि रोजगार होना चाहिए। जो कमाएंगे, वे खाएंगे — यही विकास का real foundation है।"
इस मुद्दे पर उन्होंने एनडीए सरकार पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि सरकार चुनाव से पहले big promises करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें implementation तक नहीं पहुँचाया जाता। public trust तभी बनेगा जब नीतियों के परिणाम आम आदमी तक पहुँचेंगे।
साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी sharp criticism की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को भी power temptation हो रहा है और वे बिहार की गद्दी पर बैठने के लिए personal ambition रखते हैं, जबकि वे दूसरे राज्य के हैं। उन्होंने गांधी के हालिया व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए, जैसे हेलमेट के बिना बुलेट चलाना और डीजे पर गाना बजवाना।
तेज प्रताप के इस बयान से स्पष्ट होता है कि वे न केवल सत्ताधारी दल के खिलाफ political pressure बनाना चाहते हैं, बल्कि यह भी दिखाना चाहते हैं कि youth issues पर उनकी चिंता वास्तविक है। उनकी भाषा में direct appeal है: वादे नहीं, कार्य चाहिए।
एक बात सच है — job market रोजगार बाजार में कोई ठोस बदलाव नहीं दिख रहा। बच्चे पढ़-लिखकर भी बेरोजगार हैं।
तेज प्रताप को खुद भी सरकार में रहते employment schemes रोजगार योजनाओं पर काम करना चाहिए था। अब बाहर से बयानबाजी?
सत्ता के लालच में तो सभी राजनेता आ जाते हैं। राहुल गांधी पर टिप्पणी करने से पहले अपने घर का हाल देख लेते।
महिलाओं को equal opportunity बराबर का अवसर मिले, इस पर बात तो सही कही। बहुत सी लड़कियां चाहती हैं कि काम करें।
बस बयानबाजी बंद करो। action काम दिखाओ। वादे सुन-सुनकर तो हम थक गए।
तेज प्रताप ने सही कहा — economic independence आर्थिक स्वतंत्रता ही समाज को बदलेगी। नौकरी से युवा सशक्त होते हैं।
क्या सम्राट चौधरी follow through अपने वादे पूरे कर पाएंगे? पिछले सीएम भी ऐसे ही वादे करके गए।
राहुल गांधी पर तंज ठीक है, लेकिन क्या यादव खुद राजनीतिक निरंतरता दिखा पाए हैं?