खेसारी बोले 'गिरे हुए लोग', निक्की के साथ बैटलग्राउंड में छिड़ी जुबानी जंग
क्या reality शो में नाटक सिर्फ मनोरंजन है या फिर असली जुबानी जंग का मैदान? ‘बैटलग्राउंड 2’ ने इस सवाल को फिर से तेज कर दिया है। जहां प्रतियोगी शारीरिक और mental सीमा पर खेलते हैं, वहीं अब टीमों के बीच drama भी छिड़ गया है। खेसारी लाल यादव ने निक्की तंबोली और उनकी टीम 'लुटेरा' पर बेईमानी का आरोप लगाते हुए कहा—'बड़े गिरे हुए लोग हैं, पूरी दुनिया देख रही है, आपका कारनामा।' ये बातें शो के नए promo में सामने आई हैं, जहां एक गेम के बीच तनाव खुलकर सामने आया।
निक्की ने जवाब दिया कि गेम में teamwork जरूरी है, लेकिन खेसारी को ये बात नागवार गुजरी। दोनों के बीच तीखी जुबानी बहस देखने को मिली, जो शो के high-voltage माहौल को बयां करती है। लेकिन खेसारी अकेले नहीं थे—अभिषेक मल्हान भी मैदान में उतर आए। उन्होंने निक्की को पहले भी insult सुनाई थी, और इस बार भी उनकी बातों में anger झलका। ऐसा लग रहा है मानो टीम के rivalry के पीछे असली तनाव छिपा हो।
ये शो सिर्फ एक game नहीं है—ये लोगों की सहनशक्ति, strategy और भावनाओं की परीक्षा है। 16 प्रतियोगी 4 टीमों में बँटे हैं, और हर टास्क के बाद दबाव बढ़ता जा रहा है। निक्की तंबोली बतौर mentor आई हैं, लेकिन उनके टिप्पणियों ने तूफान खड़ा कर दिया। जब उन्होंने अभिषेक की टीम की हार पर कहा—'साइबर ट्रंक पंचर हो गया है दिल्ली डॉमिनेटर्स का'—तो जवाब में अभिषेक ने कहा, 'कोई नहीं भाई, इधर-उधर से जब रोड से निकलते हैं तो कुत्ते भौंकते हैं।' एक clash जो सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं लग रहा।
‘बैटलग्राउंड 2’ ओटीटी पर आ रहा है, जहां streaming प्लेटफॉर्म्स पर रियलिटी शोज की भरमार है। बिग बॉस, खतरों के खिलाड़ी या राइज एंड फॉल जैसे शोज के बीच, इसकी पहचान शारीरिक और मानसिक चुनौतियों पर focus करने में है। पहला सीजन 2025 में आया था, और दर्शकों ने इसे premiere के बाद से पसंद किया। अब 17 अप्रैल, 2026 को दूसरा सीजन शुरू होगा, और सवाल ये है कि क्या ये शो entertainment से आगे बढ़कर एक वास्तविक युद्धक्षेत्र बन चुका है?
खेसारी को 'गिरे हुए लोग' बोलना बहुत ज्यादा हो गया, लेकिन निक्की ने भी provocation उकसाने की कोशिश की।
शो का format फॉर्मेट अलग है, लेकिन क्या झगड़े ज्यादा फोकस ले रहे हैं?
अभिषेक ने कुत्ते वाली बात कही, लेकिन निक्की को टीम की spirit भावना तोड़नी नहीं चाहिए थी।
इस तरह की rivalry प्रतिद्वंद्विता शो को दिलचस्प बनाती है, लेकिन कहीं असली नफरत न बढ़ जाए।
जब तक गेम नहीं खत्म, सब कुछ ड्रामा है।
निक्की तंबोली हर शो में कंट्रोवर्सी लेकर आती हैं। क्या ये उनकी strategy रणनीति है?