विनोद कांबली के बारे में फैली अफवाह, पत्नी ने कहा झूठ — विनोद कांबली स्वास्थ्य अपडेट
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज विनोद कांबली के स्वास्थ्य को लेकर हाल ही में एक rumor फैली कि उनकी memory कमजोर हो रही है और उनके दिमाग में blood clot बन रहा है। इन reports ने उनके प्रशंसकों और परिवार को गहराई से झकझोर दिया।
कांबली की पत्नी एंड्रिया हेविट ने इस बात का साफ denial किया और कहा कि विनोद ठीक हैं। उन्होंने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा, "भगवान की कृपा से विनोद ठीक हैं। मुझे नहीं पता कि कौन गलत जानकारी फैला रहा है।" उन्होंने anger में यह भी कहा कि ऐसी अफवाहों से परिवार को बहुत emotional pain हो रहा है।
लेकिन यह claim उनके पुराने दोस्त और पूर्व प्रथम श्रेणी अंपायर मार्कस कोउटो ने किया था। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि कांबली के दिमाग में 18 महीने से clot है और वे चीजों को remember करके फिर forget जाते हैं। यह बयान सार्वजनिक होने के बाद मीडिया में worry की लहर दौड़ गई।
इस बीच, यह भी सामने आया कि कांबली के कुछ करीबी दोस्तों ने उनकी सहायता के लिए एक support system बनाई है। एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए उनके दोस्तों को जोड़ा जा रहा है, जिसमें भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी शामिल हैं। सचिन और कांबली बचपन के साथी रहे हैं और मुश्किल वक्त में सचिन ने हमेशा उनका साथ दिया है।
हालांकि, एंड्रिया का assertion है कि विनोद अभी स्थिर हैं और ऐसी अफवाहों को फैलाने वालों पर legal action की जा सकती है। सार्वजनिक जानकारी के अभाव में, एक ओर concern है, तो दूसरी ओर परिवार की ओर से clarification । अब सवाल यह है कि किस पर trust किया जाए।
अफवाह फैलाना इतना आसान क्यों हो गया है? एक व्यक्ति की health सेहत को लेकर झूठ फैलाना निंदनीय है।
एंड्रिया को गुस्सा आना natural स्वाभाविक है। जब पति बीमार हो और कोई झूठी खबर चलाए, तो emotional stress भावनात्मक तनाव बढ़ता है।
मार्कस कोउटो ने जो कहा, उसमें कितनी truth सच्चाई है? अगर ब्लड क्लॉट है, तो treatment इलाज चल रहा है या नहीं?
सचिन का नाम आते ही दिल को relief राहत मिली। अगर वो सपोर्ट कर रहे हैं, तो कांबली सुरक्षित हैं।
सोशल मीडिया पर fake news गलत खबर का प्रभाव देखिए। एक व्यक्ति का reputation नाम और सेहत दोनों दांव पर लग जाते हैं।
अगर यह सच है कि उनकी memory याददाश्त प्रभावित हुई है, तो इस पर गंभीर medical attention चिकित्सा ध्यान की जरूरत है।