मार्च 2027 तक नई ऊंचाई पर बाजार? एक्सपर्ट की रणनीति सुनिए
क्या आप शेयर बाजार की अगली छलांग को पहले ही पकड़ना चाहते हैं? market के अनुभवी राजेश सलूजा, ASK प्राइवेट वेल्थ के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर, का मानना है कि मार्च 2027 तक भारतीय economy नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ सकती है। उनका विश्वास है कि मजबूत आर्थिक बुनियाद और कंपनियों की बढ़ती अर्निंग बाजार में तेजी ला सकती हैं। लेकिन यह छलांग बिना उतार-चढ़ाव के नहीं होगी — और यहीं निवेशकों की असली परीक्षा है।
सलूजा के अनुसार, banking और वित्तीय सेवाएं (BFSI) देने वाली कंपनियां आगे बढ़ सकती हैं। credit ग्रोथ और मजबूत बैलेंस शीट इस सेक्टर को बाजार में leader करने में मदद करेंगे। इसके अलावा, सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर और 'मेक इन इंडिया' पर फोकस से मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को लंबी अवधि में लाभ मिल सकता है।
हालांकि, सलूजा चेतावनी भी देते हैं। investment के मामले में, विशेषकर स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में, caution बरतने की जरूरत है। केवल वे कंपनियां टिक पाएंगी जिनके फंडामेंटल्स मजबूत हैं और जो नियमित cash जनरेट कर रही हैं। बाजार के हर उतार-चढ़ाव में घबराने के बजाय, निवेशकों को long-term के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
इस बीच, बाजार पहले भी कई क्राइसिस झेल चुका है — चाहे वह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की tariff नीति हो, भू-राजनीतिक तनाव या कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा। लेकिन इतिहास बताता है कि बाजार रिकवरी के रास्ते पर आ सकता है। सलूजा का कहना है कि विविधीकरण और स्थिर asset आवंटन निवेशकों को उतार-चढ़ाव के दौर में सुरक्षा देते हैं।
अंततः, सलूजा निवेशकों से कहते हैं कि वे केवल उन कंपनियों में निवेश करें जिनके business मॉडल पारदर्शी हों। patience रखना जरूरी है, क्योंकि शेयर बाजार में असली रिटर्न समय के साथ मिलते हैं। तेजी का इंतजार करना है? तो बस यहीं से शुरू करें।
मैं सलूजा की बात से agree सहमत हूं। BFSI सेक्टर वास्तव में अगले कुछ सालों में जोर दिखा सकता है।
मिडकैप में निवेश कर रही हूं, लेकिन यह चेतावनी सचमुच useful उपयोगी लगी।
हर एक्सपर्ट कहता है 'लॉन्ग-टर्म'... लेकिन क्या कोई समय सीमा बताएगा कि कब तक?
विविधीकरण बहुत important महत्वपूर्ण है। मैंने 2020 में इसी गलती से सब कुछ एक सेक्टर में लगा दिया था।
कैश जनरेट करने वाली कंपनियां ही आखिरकार जीतती हैं। फंडामेंटल्स पर फोकस जरूरी।
धैर्य रखना सबसे मुश्किल है, लेकिन सलूजा सही कहते हैं। emotion भावनाओं पर नियंत्रण रखें।
अगले 2-3 साल में तेजी की बात है, लेकिन क्या चुनाव इस पर असर डालेंगे?