प्रफुल्ल हिंगे ने आखिरी ओवर में सीएसके के जबड़े से छीनी जीत… सनराइजर्स हैदराबाद को मिली तीसरी जीत
आखिरी ओवर में जीत की उम्मीद अब तक के सबसे big पलों में से एक बन गया, जब प्रफुल्ल हिंगे ने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए चेन्नई सुपर किंग्स के जबड़े से जीत छीन ली। चेन्नई को 195 रन के लक्ष्य के पीछे आखिरी ओवर में 18 रन चाहिए थे, और गेंद हिंगे के हाथों में थी। उनके पिछले ओवर महंगे रहे थे, लेकिन उस अंतिम छह गेंदों ने उन्हें एक hero बना दिया।
पहली दो गेंदों पर 3 रन देने के बाद, एक नो-बॉल के साथ स्थिति और भी खराब हो गई — अब 4 गेंदों में 14 रन और एक फ्री-हिट बची। लेकिन हिंगे ने pressure के बावजूद एक सटीक यॉर्कर फेंकी, जिससे केवल 1 रन आया। 19.4 ओवर में उन्होंने जेमी ओवरटन को लियाम लिविंगस्टोन के हाथों कैच आउट कराकर मैच का रुख पलट दिया। अंतिम दो गेंदों पर मात्र 2 रन देकर उन्होंने टीम को 10 रनों से जीत दिलाई।
हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 194/9 का स्कोर खड़ा किया। अभिषेक शर्मा और हेनरिक क्लासेन ने 59-59 रन की पारियां खेलीं, लेकिन बाकी बल्लेबाज सीएसके के गेंदबाजों के सामने लड़खड़ा गए। जेमी ओवरटन और अंशुल कंबोज ने 3-3 विकेट लेकर टीम पर पूरी control कायम किया। खासकर कंबोज की वाइड यॉर्कर गेंदबाजी ने क्लासेन समेत कई बल्लेबाजों को चुप करा दिया।
चेन्नई की ओर से मैथ्यू शॉर्ट (34), आयुष म्हात्रे (30) और सरफराज खान (25) ने संघर्ष किया, लेकिन बड़ी पारी नहीं बना सके। कप्तान रुतुराज गायकवाड़ का योगदान सिर्फ 19 रन रहा। इस हार के साथ चेन्नई की लगातार दो मैचों की जीत की डोर टूट गई। वहीं, हैदराबाद 6 अंकों के साथ अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
इस मैच में दोनों टीमों के बीच तनाव और competition दर्शकों के लिए मनोरंजन का केंद्र बनी रही। एक ओर जहां हैदराबाद की शुरुआत बेहतरीन रही, वहीं चेन्नई की गेंदबाजी ने उसे वापसी का मौका दिया। लेकिन अंत में, एक अनकैप्ड गेंदबाज के हौसले ने नाटकीय अंत लिखा।
18 रन आखिरी ओवर में? मैंने सोचा था जीत चेन्नई की होगी, लेकिन हिंगे ने completely पूरी तरह उल्टा कर दिया।
अंशुल कंबोज की गेंदबाजी ने तो बल्लेबाजों का confidence आत्मविश्वास ही तोड़ दिया।
जब हिंगे ने नो-बॉल फेंकी, मैं सोफे पर बैठा था। फिर वो यॉर्कर... बस, जैसे कोई movie फिल्म चल रही हो।
चेन्नई के बल्लेबाजों को बड़े shots शॉट्स खेलने की कोशिश करनी चाहिए थी, न कि छोटे रन।
हैदराबाद अगर 10 ओवर के बाद तेजी से रन बनाता, तो शायद ये match मैच इतना टाइट नहीं होता।
संजू सैमसन की एक छक्के की मदद से 7 रन... क्या waste बर्बादी है।