दिल्ली को हार का सामना: अक्षर पटेल ने बताया मैच क्यों हारा
आईपीएल 2026 के 18वें मैच में चेन्नई सुपर किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स को चेपॉक स्टेडियम में 23 रन से हराकर अपनी पहली जीत दर्ज की। चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए score बनाया, जिसमें संजू सैमसन ने नाबाद शतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में खड़ा किया। दिल्ली को 213 रन का target मिला, लेकिन वे 190 रन पर ही रह गए।
मैच के बाद दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने reason बताते हुए कहा कि पावरप्ले के बाद जल्दी विकेट गंवाने से टीम ने momentum खो दिया। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों ने अच्छा performance किया, लेकिन फील्डिंग में गड़बड़ी और कैच छोड़ने ने नतीजा बदल दिया। उन्होंने कहा, "जो कैच छूटे, अगर वे पकड़े जाते, तो शायद situation अलग होती।"
अक्षर ने अपने गेंदबाजों की तारीफ की, जिन्होंने चेन्नई को 212 रन पर रोक दिया, जबकि ओस के कारण गेंदबाजी करना मुश्किल था। जेमी ओवर्टन ने 18 रन देकर चार विकेट लिए और अंशुल कंबोज ने उनका अच्छा साथ दिया। चेन्नई के लिए सैमसन के अलावा आयुष महात्रे और शिवम दुबे ने भी योगदान दिया।
चेन्नई ने लगातार हार के बाद यह जीत पाकर राहत की breath ली। वहीं, दिल्ली के लिए यह लगातार दूसरी हार थी। अक्षर ने इशारा किया कि टीम को मैच खत्म करने की ability पर पुनर्विचार करना होगा, क्योंकि पिछले मैच में भी केएल राहुल ने 92 रन बनाए थे, लेकिन जीत नहीं दिला सके थे। स्टब्स ने 38 गेंद पर 60 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत के करीब ले जाने में असफल रहे।
इस मैच ने दिल्ली के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अगर वे टॉप-4 में जगह बनाना चाहते हैं, तो उन्हें न केवल बल्लेबाजी और गेंदबाजी में consistency लानी होगी, बल्कि फील्डिंग में भी सुधार करना होगा। एक छोटी सी गलती अब difference पैदा कर सकती है, और यही अक्षर ने साफ कर दिया।
फील्डिंग में mistake गलती करना आज बहुत महंगा पड़ा। कैच छूटे, और मैच हाथ से निकल गया।
अक्षर ने गेंदबाजों को क्रेडिट दिया, लेकिन क्या बल्लेबाजों को भी जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए? 212 रन बहुत नहीं थे।
आखिरकार पहली जीत! ओवर्टन ने मैच का course रुख बदल दिया। चेपॉक में जो ऊर्जा थी, वही जादू थी।
अक्षर कप्तानी में अच्छा कर रहे हैं, लेकिन टीम की preparation तैयारी पर सवाल हैं। क्या प्रैक्टिस में कैच नहीं पकड़े जाते?
स्टब्स ने तो जान झोंक दी। 38 गेंद पर 60 रन, लेकिन कोई नहीं उनका support साथ नहीं दे पाया।
ओस के बावजूद गेंदबाजी करना असली challenge चुनौती थी। चेन्नई के गेंदबाजों ने दिल्ली के खिलाफ बहुत अच्छा किया।