Jio हॉटस्टार या अमेजन प्राइम पर नहीं... यहां देखेंगे एशियाई खेल 2026, आ गई पूरी जानकारी
एशियाई खेलों के लिए भारतीय प्रशंसकों की बढ़ती excitement के बीच, एक बड़ी खबर सामने आई है: broadcast अधिकार अब जियो हॉटस्टार या अमेज़न प्राइम के पास नहीं होंगे। इस बार, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने 20वें एशियन गेम्स 2026 के एक्सक्लूसिव अधिकार हासिल कर लिए हैं, जो जापान के ऐची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होंगे।
प्रमुख खेल घटना का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर होगा, जबकि डिजिटल उपभोक्ता live streaming के लिए सोनी लिव का उपयोग कर सकेंगे। यह तीसरी बार होगा जब सोनी इस multi-sport कार्यक्रम को भारतीय परदे पर लाएगा, जिसे कंपनी के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर राजेश कौल ने गर्व की बात बताया।
भारत के हालिया प्रदर्शन ने expectations को और बढ़ा दिया है — पिछले एशियन गेम्स में राष्ट्र ने ऐतिहासिक 107 पदक जीते थे। इस बार, क्रिकेट विशेष रूप से focus का केंद्र रहेगा, जहां पुरुष और महिला दोनों टीमें स्वर्ण पदक के लिए मजबूत दावेदार हैं।
2026 के आयोजन में कुल 41 खेल शामिल होंगे, जिनमें 32 ओलंपिक खेल भी शामिल हैं। नए खेलों में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) और सर्फिंग को शामिल किया गया है। पारंपरिक खेलों में क्रिकेट, कबड्डी, टेनिस, ईस्पोर्ट्स और सेपक तकरा जैसे नाम भी शामिल हैं, जो भारतीय दर्शकों के लिए खास महत्व रखते हैं।
सोनी ने वादा किया है कि वह अपने coverage के माध्यम से हर पदक की कहानी को जीवंत तरीके से प्रस्तुत करेगा। इस बार, भारत के प्रतियोगियों के प्रति बढ़ती national pride को दर्शकों तक पहुंचाना एक बड़ी जिम्मेदारी साबित होगी।
क्रिकेट के लिए तो अब तमाम फैंस बेताब हैं। दोनों टीमों को मेडल के लिए मौका मिलेगा, यही biggest सबसे बड़ी बात है।
अमेज़न या जियो नहीं, सोनी के पास अधिकार? अच्छा हुआ, उनका sports production स्पोर्ट्स प्रोडक्शन अच्छा रहता है।
MMA और सर्फिंग का इसमें आना interesting दिलचस्प फैसला है। युवा दर्शकों को आकर्षित करने की कोशिश लगती है।
पिछला एशियाई खेल तो भारत के नाम रहा। क्या इस बार 120 से ज्यादा पदक संभव हैं? huge बहुत दबाव होगा।
सोनी लिव पर स्ट्रीमिंग अच्छी होती है, बस डेटा का cost खर्च कम रखें।
क्रिकेट को ओलंपिक में नहीं मिला, लेकिन एशियन गेम्स में दोनों टीमों का गोल्ड जीतना validation मान्यता दिला सकता है।
उम्मीद है कि कवरेज सिर्फ बड़े खेलों तक ही सीमित न रहे। छोटे खिलाड़ियों की कहानियों को भी spotlight स्पॉटलाइट मिलनी चाहिए।