50 LPA वाली इंजीनियर की लाइफस्टाइल जानकर आप भी कहेंगे, वाह क्या नजरिया है
₹50 लाख प्रति वर्ष की income के बावजूद बेंगलुरु की एक डेटा इंजीनियर अपने lifestyle में कोई भड़कीलापन नहीं दिखातीं। वह महंगे iPhone, Zara के कपड़े, लग्जरी बैग और फैंसी कारों से जानबूझकर distance बनाए रखती हैं। उनका मानना है कि पैसा दिखावे की चीजों पर नहीं, बल्कि smart spending होना चाहिए।
27 वर्षीय यह टेक प्रोफेशनल @thinking.mori नाम से इंस्टाग्राम पर अपने विचार साझा करती हैं। उनका संदेश स्पष्ट है: financial decisions जुड़ाव की तुलना में अनुभवों पर ध्यान केंद्रित करने चाहिए। उनकी यह perspective आज के उपभोक्ता बाजार के सामान्य trend के विपरीत है, जहां आय बढ़ने के साथ ब्रांडेड उपभोग बढ़ता है।
उनके अनुसार, असली खुशी ट्रैवलिंग, पिलाटेस, अच्छे खाने और नए अनुभवों में है। पिछले दो सालों में वह पांच देशों की यात्रा कर चुकी हैं। यह spending उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा है। वह कहती हैं कि उनके पास loan भी है, इसलिए वह careful planning करती हैं।
उनके इस ईमानदार और अलग approach की सोशल मीडिया पर तेजी से discussion हो रही है। कई लोगों ने उनके financial discipline की तारीफ की है। यह उदाहरण साबित करता है कि उच्च आय वाले व्यक्ति भी मूल्य-आधारित विकल्प चुन सकते हैं।
इस तरह के व्यवहार का बाजार पर impact पड़ सकता है। यदि अधिक युवा पेशेवर चीजों के बजाय अनुभवों पर priority देने लगें, तो लग्जरी ब्रांडों की demand कम हो सकती है, जबकि ट्रैवल, वेलनेस और एजुकेशनल एक्सपीरियंस सेक्टर को boost मिल सकता है। यह बदलाव बाजार strategy बनाने वाली कंपनियों के लिए एक सीधा संकेत हो सकता है।
ये असल में बहुत inspiring प्रेरणादायक है। मैं भी अब गैजेट्स के बजाय विकेशन पर spend खर्च करने पर विचार कर रहा हूँ।
लेकिन क्या ये sustainable टिकाऊ है? जब शादी, बच्चे या घर बनाने का time समय आएगा, तब भी ऐसा ही रहेगा?
बहुत से लोग साथी दबाव में आकर ब्रांडेड चीजें खरीदते हैं। ये लड़की उस दबाव को ignore नजरअंदाज करना जानती है।
50 LPA भी हो तो लोन होने पर इतना सावधान रहना necessary जरूरी है। क्रेडिट कार्ड का गलत उपयोग कौन नहीं करता?
इस तरह की mindset मानसिकता वाले लोगों के कारण ही लग्जरी बाजार growth वृद्धि नहीं कर पा रहा।
क्या ये सच में ₹50 लाख कमाती हैं या बस एक viral post वायरल पोस्ट? इंटरनेट पर truth सच्चाई कभी-कभी संदिग्ध होती है।