आशा भोसले ने आरडी बर्मन के कमरे में जाने से क्यों किया मना? प्यार की वो कहानी जो आज भी दिल छू लेती है
गायिका आशा भोसले ने अपने लंबे करियर में 12,000 से ज्यादा गीत गाए, लेकिन उनकी आवाज़ में जो जादू था, वह अक्सर music के महान सृजनकर्ता आरडी बर्मन के साथ उनके सहयोग से जुड़ा है। पंचम दा के नाम से मशहूर आरडी बर्मन के संगीत ने आशा की आवाज़ को एक ऐसी उड़ान दी जिसने कई दशकों तक दर्शकों को बांधे रखा। जब दोनों ने work के दौरान पहली बार मुलाकात की, तो शायद उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि यह रिश्ता समय के साथ एक गहरे connection में बदल जाएगा।
उस समय दोनों ही married थे, लेकिन धीरे-धीरे उनके बीच बढ़ती नजदीकियां एक नए रूप में ढलने लगीं। 1980 में दोनों ने marriage कर ली, जो आशा के लिए एक परिपक्व फैसला था। उन्होंने एक बार कहा था, “हम जवान नहीं थे। हम both समझदार थे।” उनका रिश्ता संगीत से शुरू हुआ था और धीरे-धीरे love में बदल गया।
आरडी बर्मन ने आशा के लिए flowers के जरिए अपनी भावनाएं जताईं। वह हर दिन बिना नाम बताए उन्हें फूल भेजते थे। एक बार जब वे रिकॉर्डिंग स्टूडियो में थे, तभी फूल आए। आशा ने गुलदस्ता फेंक दिया और पूछा, “ये रोज-रोज कौन भेजता है?” तब गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने मुस्कुराते हुए कहा, “यही कसूरवार है।” आशा ने बाद में कहा, “वह मेरे पीछे पड़े रहते थे… मुझे तुम्हारी आवाज़ बहुत पसंद है।” उस moment के बाद उनके रिश्ते ने एक नया मोड़ लिया।
आरडी बर्मन का 1994 में 54 साल की उम्र में death हो गया। उनके आखिरी पलों में आशा उनके पास थीं। वह उनका नाम लेना चाहते थे — “आ… आ…” — लेकिन शब्द पूरा नहीं हो पाया। आशा ने बाद में कहा कि वह उनके कमरे में नहीं जाएंगी। “मैं उन्हें मृत नहीं देख सकती,” उन्होंने कहा। “मैं उन्हें alive याद रखना चाहती हूं।”
आशा भोसले का यह फैसला उनके गहरे emotional बंधन की झलक दिखाता है। उनके लिए, आरडी बर्मन केवल एक संगीतकार या पति नहीं थे, बल्कि एक ऐसे साथी थे जिनके साथ music के अलावा जीवन के हर moment का गहरा संबंध था। उस कमरे में न जाना एक दर्द भरा, लेकिन पूर्णतः समझदारी से भरा decision था।
उनके बीच का ये प्यार सच में अनोखा था। फूल भेजने की ये आदत... कितनी simple सादगी में छिपी भावनाएं।
मैंने एक डॉक्यूमेंट्री में देखा था — आरडी बर्मन केवल संगीत नहीं देते थे, वो आवाज़ के हर लहजे को समझते थे।
आशा जी ने कमरे में न जाने का फैसला लेकर दिल तोड़ दिया। लेकिन समझ आता है — कैसे कोई अपने प्यारे को बिस्तर पर motionless स्थिर देख सकता है?
दोनों ने शादी तब की जब ज्यादातर लोग रिश्ते बचाने की बजाय छोड़ देते हैं। इस choice चुनाव में ही प्यार की परिपक्वता थी।
आजकल के रिश्ते फूल भेजने तक नहीं पहुंचते। एक टेक्स्ट में आई लव यू भर भेज देते हैं।
आरडी बर्मन के बिना आशा की आवाज़ कुछ कम ही लगती थी। उनकी partnership साझेदारी सच में अद्वितीय थी।