आशा भोसले का पार्थिव शरीर शिवाजी पार्क में, जन दर्शन के बाद आज होगा अंतिम संस्कार
महान गायिका आशा भोसले के निधन ने पूरे देश में shock फैला दिया है। 12 अप्रैल 2026 को 92 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनके घर 'प्रभा कुंज' में शांति छा गई, जहां सुरक्षाकर्मी और परिचित चुपचाप अपने duties को निभा रहे थे, लेकिन आंखों में दुख था।
आशा भोसले का पार्थिव शरीर आज शाम 4 बजे से मुंबई के शिवाजी पार्क में public view के लिए रखा जाएगा। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार मुंबई में ही किया जाएगा। यह व्यवस्था उनके असीम legacy को समर्पित है, ताकि हजारों प्रशंसक अंतिम बार उन्हें नमन कर सकें।
एक सुरक्षाकर्मी ने, अपना नाम न बताने की शर्त पर, बताया कि आशा भोसले कुछ दिन पहले रात में लौटी थीं और उन्होंने उनके लिए दरवाजा खोला। वह कमजोर लग रही थीं, लेकिन grace और उदारता बरकरार थी। उन्होंने उस समय भी पूछा कि उनका दिन कैसा बीता। यह छोटी-सी बात उनके kindness की झलक देती है।
लोअर परेल में एक पान की दुकान चलाने वाले जगदीश चौरसिया ने कहा कि उन्होंने आशा जी के गाने सुन-सुनकर अपना जीवन बिताया। उनके अनुसार, आशा भोसले ने इतने memorable moments दिए कि पूरा देश उन्हें भुला नहीं पाएगा। उनका संगीत सदैव जीवित रहेगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनके आवास 'कासा ग्रैंड' पर जाकर परिवार को सांत्वना दी। उनकी उपस्थिति ने इस दुख के पल में respect का संदेश दिया। आशा भोसले के नाम का न केवल मनोरंजन जगत में बल्कि भारतीय संस्कृति में भी एक अलग impact है।
कल शिवाजी पार्क जा रहा हूं। आशा जी के बिना एक ऐसा लग रहा है जैसे music संगीत थोड़ा खामोश हो गया हो।
जो आखिरी दिनों में भी सुरक्षाकर्मी से पूछ रही थीं कि उनका दिन कैसा रहा, वो कैसे न याद की जाएं? ये छोटी बातें greatness महानता बनाती हैं।
उनके गाने केवल धुन नहीं थे, जीवन का emotion भाव थे। हर उम्र के लोग उनकी आवाज में अपने पल ढूंढते थे।
क्या CM की उपस्थिति प्रोटोकॉल है या genuine respect वास्तविक सम्मान? लगता है इस बार दोनों एक साथ थे।
दिल का दौरा पड़ना अचानक था, लेकिन उन्होंने कभी दर्द नहीं दिखाया। strength ताकत उनके चरित्र में थी।
क्या उनके संगीत का कोई आधिकारिक डिजिटल संग्रह जारी किया जाएगा? ऐसा कुछ हो तो उनकी heritage विरासत और सुरक्षित रहेगी।