यश ने कहा जैसी दिख रही वैसी 'टॉक्सिक' नहीं उनकी फिल्म, बोले 'ये लोगों की सोच बदल देगी'
साउथ के सुपरस्टार यश ने अपनी आगामी फिल्म toxic को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। सिनेमाकॉन 2026 में अपने grand project रामायण का प्रचार करते हुए यश ने कहा कि उनकी फिल्म वैसी नहीं है जैसी लोगों को लग रही है। टीजर में दिखे action , हिंसा और सेक्स-सीन के बावजूद, यश का दावा है कि toxic एक सामान्य गैंगस्टर फिल्म नहीं है। इसके पीछे एक गहरी psychology छिपी है, जो दर्शकों के thinking को बदल देगी।
यश ने फैनडैंगो के साथ एक interview में कहा कि डायरेक्टर गीतू मोहनदास के साथ यह सहयोग एक landmark होने वाला है। यह फिल्म उनके लिए पहली बार अंग्रेजी में शूट की गई है, जो इसकी अंतरराष्ट्रीय ambition को दर्शाती है। यश ने कहा, 'यह सिर्फ एक धमाकेदार story नहीं है। इसमें इंसानी जीवन के गहरे पहलू हैं, जो दर्शकों को झकझोर देंगे।'
गीतू मोहनदास भारतीय सिनेमा की एक मजबूत feminist आवाज़ मानी जाती हैं, जबकि यश अपने करियर में intimate सीन से दूर रहे हैं। इसलिए दोनों का यह साझेदारी कई लोगों के लिए आश्चर्यजनक है। टीजर में यश के नए avatar ने कई प्रशंसकों को shocked कर दिया था। लेकिन यश कहते हैं कि फिल्म का वास्तविक treatment और निर्देशन उस प्रथम धारणा को तोड़ देगा।
मूल रूप से, toxic 19 मार्च को रिलीज होने वाली थी, लेकिन धुरंधर 2 के साथ clash और मध्य पूर्व में चल रहे war के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। अब यह फिल्म 4 जून को सिनेमाघरों में आएगी। इस delay ने न केवल ट्रेड के concern को कम किया है, बल्कि फिल्म के लिए एक नई anticipation भी बना दी है।
टीजर देखकर लगा था कि यश फिर KGF जैसा रोल कर रहे हैं, लेकिन अब लगता है psychology साइकोलॉजी पर जोर होगा।
गीतू मोहनदास के साथ यश का यह सहयोग सचमुच एक landmark लैंडमार्क होगा। उम्मीद है फिल्म नारीवादी दृष्टिकोण के साथ treatment ट्रीटमेंट दे।
यश ने कभी इंटीमेट सीन नहीं किया था, अब ये shocked शॉक देने वाला है। लेकिन उनका avatar अवतार देखकर उत्सुकता बढ़ गई है।
अंग्रेजी में फिल्म बनाना उनकी ambition महत्वाकांक्षा दिखाता है। उम्मीद है यह international अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचेगी।
19 मार्च को धुरंधर 2 के साथ clash क्लैश होता तो बॉक्स ऑफिस को damage नुकसान होता। अब delay देरी अच्छी फैसला लगता है।
लेकिन क्या सच में एक गैंगस्टर फिल्म thinking सोचने के तरीके बदल सकती है? या यह सिर्फ hype हाइप है?