बंगाल चुनाव: रोड शो के बिना लौटे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन
विधानसभा चुनाव के तनावपूर्ण माहौल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का खड़गपुर में अचानक वापसी करना राजनीतिक pressure को दिखाता है। मंगलवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर तहसील में एक निर्धारित रोड शो में हिस्सा लेने के बजाय वे हेलीकॉप्टर से आए और बिना किसी public appearance के वापस चले गए। यह घटना भाजपा के स्थानीय समर्थकों के लिए निराशाजनक साबित हुई।
यह कार्यक्रम भाजपा प्रत्याशी भद्र हेम्ब्रम के समर्थन में आयोजित होना था, जिसे लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने काफी preparation की थी। लाखों की संख्या में जनसमूह के इकट्ठा होने की उम्मीद थी, लेकिन अचानक कार्यक्रम रद्द हो गया। स्थानीय नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय नेतृत्व की अनुपस्थिति से morale पर असर पड़ेगा।
उम्मीदवार भद्र हेम्ब्रम ने कार्यक्रम रद्द होने के लिए चुनाव आयोग के निर्णय को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि प्रचार की समय-सीमा पहले शाम 4:30 बजे तक थी, जिसे अचानक घटाकर 3:30 बजे कर दिया गया। इस sudden change के कारण रोड शो का आयोजन संभव नहीं हो सका।
हालांकि, विपक्षी दलों ने इस घटना को political setback बताया है। उनका कहना है कि भाजपा अपने नेताओं की उपस्थिति के बावजूद जनसंपर्क में विफल रही। इससे जनता के बीच पार्टी के प्रति public trust पर सवाल उठ रहे हैं।
एक बड़ा नेता इतनी आसानी से लौट जाए, तो सवाल उठते हैं। क्या leadership नेतृत्व मजबूत है?
चुनाव आयोग के नियम तो सभी के लिए एक जैसे होते हैं। फिर भी भाजपा ने planning योजना में इतनी गड़बड़ी कैसे की?
समय कम होने पर भी कोई alternative arrangement वैकल्पिक व्यवस्था तो कर सकता था।
हेलीकॉप्टर आया, लेकिन नेता नहीं दिखा। लगता है symbolic gesture प्रतीकात्मक कदम था।
स्थानीय कार्यकर्ता मेहनत करते हैं, और ऊपर वाले last-minute decision अंतिम समय के फैसले से उलझ जाते हैं।
क्या ये सिर्फ समय की बात थी? या फिर political strategy राजनीतिक रणनीति में कोई खामी थी?