अगर नीतीश कुमार को 6 महीने बाद हटाना था तो..., सम्राट की ताजपोशी पर प्रशांत किशोर का तीखा हमला

पूर्णिया में जन सुराज के कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार की नई सरकार पर तीखा attack किया। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार को छह महीने बाद हटाना ही था, तो जनता को स्पष्ट decision बताना चाहिए था। इस तरह की राजनीतिक move को उन्होंने undemocratic और अमर्यादित बताया।

leaders और कार्यकर्ताओं के साथ तीन घंटे की बैठक में किशोर ने यह समझने की कोशिश की कि चुनाव के बाद जन सुराज की रणनीति में कहां कमी रह गई। उन्होंने घोषणा की कि अगले 15 दिनों में पूर्णिया जिले में एक आधारभूत committee बनाई जाएगी, जो block level तक विस्तारित होगी।

उन्होंने सीएम पद पर सम्राट चौधरी की ताजपोशी पर तंज किया और कहा कि लोकतंत्र का requirement यह है कि नई सरकार को जनता के बीच जाकर fresh mandate लेना चाहिए। बिना चुनाव के शासन परिवर्तन को उन्होंने public trust के साथ खिलवाड़ बताया।

किशोर ने बिहार सरकार द्वारा किए गए वादों — 1 करोड़ नौकरियां, पलायन रोकथाम, और हर प्रखंड में अच्छे विद्यालय — की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि इन वादों को पूरा करने के लिए clear plan और जन समर्थन दोनों की जरूरत है। वर्तमान सरकार के formation पर सवाल उठाते हुए उन्होंने जनता से अपनी बात घर-घर जाकर रखने का आह्वान किया।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • राजीव_बिहारी

    अगर छह महीने में फैसला बदलना था, तो चुनाव क्यों लड़े? लोकतंत्र पर ही direct attack है ये।

  • स्वाति_मिश्रा

    प्रशांत किशोर सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं। real change के लिए जन सुराज को काम दिखाना होगा।

  • विकास_यादव

    पूर्णिया में कमेटी बनाने की बात अच्छी है, लेकिन क्या आधारभूत स्तर पर वास्तव में काम होगा?

  • नीरज_सिंह

    सम्राट चौधरी की ताजपोशी... ये नामकरण ही कितना symbolic है। राजनीति में अब नाटक भी बढ़ गया।

  • प्रियंका_दास

    जनता को 6 महीने का समय देने का वादा तो अच्छा था, लेकिन follow-up कौन करेगा?

  • अनिल_पांडे

    किशोर ने सही कहा — जनता को धोखा नहीं देना चाहिए। public pressure बनाना होगा तो कुछ होगा।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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