'सम्राट थोपे गए मुख्यमंत्री': प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर तीव्र political pressure बना हुआ है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को सीधे आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की जनता पर नए मुख्यमंत्री को thrust है। उनका कहना था कि यह सरकार न तो democratic है और न ही dignified — एक ऐसा दावा जो राजनीतिक विश्लेषकों और जनता दोनों के बीच चिंता फैला रहा है।
किशोर ने claimed कि 202 सीटों पर मिला जनादेश नीतीश कुमार के नाम पर था, लेकिन behind-the-scenes से सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बना दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान राजग ने एक करोड़ नौकरियां, पलायन रोकने और हर प्रखंड में अच्छे स्कूल के वादे किए थे, लेकिन अब उन वादों से backed away है। इससे जनता के साथ betrayal हुआ है, जो चुनाव के नतीजों को लेकर नाराजगी पैदा कर सकता है।
उन्होंने नए मुख्यमंत्री की educational qualification और पुराने रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। किशोर ने याद दिलाया कि बिहार चाणक्य और आर्यभट्ट की भूमि है, जहां intellectual tradition का सम्मान है। ऐसे में भाजपा का यह कदम — एक ऐसे नेता को चुनना जिसकी योग्यता पर सवाल है — जनता के विश्वास को undermine कर सकता है।
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि चुनाव हारना कोई अपराध नहीं, लेकिन जनादेश के विपरीत सरकार बनाना लोकतंत्र के principles के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अब यह जनता पर निर्भर करता है कि वह नई सरकार के performance को scrutinize । अगले कुछ महीने बिहार के राजनीतिक landscape के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।
जनता ने मुख्यमंत्री के लिए वोट नहीं दिया, फिर कैसे उसकी public mandate जनादेश की बात कर सकते हैं?
राजग के वादे तो बहुत थे, लेकिन follow-through पीछे हटने की यह आदत सबके सामने है।
धोखा हुआ है, बस। अब सिर्फ नारे नहीं, accountability जवाबदेही चाहिए।
जो शख्स 90 के दशक में आपराधिक मामले में शामिल रहा, उसे मुख्यमंत्री बनाना नैतिक जोखिम है।
किशोर ने कोई झूठ नहीं बोला। सब कुछ on record रिकॉर्ड पर है, बस मीडिया चुप है।
हमें नौकरियां चाहिए, स्कूल चाहिए, political drama राजनीतिक नाटक नहीं।