भारत के आसमान में अब विदेशी एयरलाइंस के लिए नए नियम: गलती पर रद होगा प्राधिकरण
भारत की आकाशगंगा में अब हर विदेशी पंख को नियमों के तहत fly भरनी होगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने foreign एयरलाइन्स के लिए नियमों को सख्त कर दिया है, जिसमें सुरक्षा उल्लंघन या यात्री शिकायतों की स्थिति में उनका ऑथराइजेशन रद्द या निलंबित किया जा सकता है। इस फैसले के पीछे एक स्पष्ट संदेश है: भारत के हवाई क्षेत्र में कोई भी ऑपरेटर नियमों से ऊपर नहीं है। अब प्रत्येक विदेशी एयरलाइन को एक local प्रतिनिधि नामित करना होगा, जो डीजीसीए के साथ सभी संचार का केंद्र बिंदु होगा।
पहले केवल भारतीय एयरलाइंस पर ही उपभोक्ता संरक्षण नियम लागू होते थे, लेकिन अब विदेशी कंपनियों को भी complaint के त्वरित निवारण की प्रणाली बनानी होगी। वे एक डेटाबेस रखेंगी और नियमित रूप से report डीजीसीए को सौंपेंगी। यह बदलाव यात्रियों के अधिकारों को मजबूत करने के साथ-साथ नियामक अधिकार क्षेत्र के विस्तार को भी दर्शाता है। अब वे उतने ही जवाबदेह होंगे जितने देशी ऑपरेटर। safety और संरक्षण मानकों को बनाए रखने में विफलता या स्वामित्व में अस्पष्टता भी ऑथराइजेशन के लिए खतरा बन सकती है।
नियमों की दृष्टि में एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अगर कोई एयरलाइन किसी भारतीय हवाई अड्डे से चार लगातार season तक उड़ानें नहीं चलाती है, तो उसका प्राधिकरण स्वतः निलंबित माना जाएगा। अतिरिक्त उड़ानों के लिए कम से कम सात working पहले आवेदन करना अनिवार्य है। सभी उड़ानें द्विपक्षीय rights और आवंटित स्लॉट के भीतर ही होनी चाहिए। यह व्यवस्था अनियमितता रोकने और हवाई यातायात को regulate करने के लिए बनाई गई है।
इसी बीच, कुवैत और भारत के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं, जो पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल के बीच एक राहत भरी खबर है। 27 फरवरी के बाद पहली बार रविवार को direct संचालित हुईं। कुवैत की Jazeera Airways साप्ताहिक उड़ानें शुरू कर रही है, जबकि Gulf Air 21 अप्रैल से बहरीन और भारत के शहरों के बीच उड़ानें चला रही है। however , संयुक्त अरब अमीरात ने अभी तक अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह नहीं खोला है, हालांकि सऊदी अरब के हवाई मार्ग लगभग normal स्तर पर वापस आ गए हैं।
अंततः! विदेशी एयरलाइंस को भी यात्री experience अनुभव का ध्यान रखना पड़ेगा।
ये नए नियम क्या वास्तव में सुरक्षा में सुधार करेंगे या सिर्फ कागजों पर दिखावा होगा?
स्थानीय प्रतिनिधि नियुक्ति अच्छा कदम है, लेकिन क्या वे वास्तविक ताकत रखेंगे या सिर्फ एक formality औपचारिकता होंगे?
डेटाबेस और रिपोर्टिंग से शिकायतों के निवारण में पारदर्शिता आएगी।
सात दिन पहले अतिरिक्त उड़ान के लिए आवेदन? आपातकाल में क्या होगा?
सऊदी के हवाई मार्ग खुलने से रूट्स छोटे हुए, यात्रा अब कम tiring थकाऊ लगेगी।
डीजीसीए का यह दृढ़ रुख लंबे समय तक चलेगा या सिर्फ अब दिखावे के लिए?
कुवैत से उड़ानें फिर शुरू हुईं, लेकिन क्या यह स्थायी है या स्थिति बदलते ही रुक जाएंगी?